मार्च तक जमीनों का क्रय-विक्रय मौजूदा कलेक्टर दर पर ही हो सकेगा। हालांकि पहले दस फीसद तक बढ़ाई प्रस्तावित दरों को एक जनवरी से ही लागू करने की तैयारी थी। वहीं राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के वित्त आयुक्त कम अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अप्रैल तक नई दरों को अंतिम रूप देने तक मौजूदा दरें लागू रहेंगी। यानी मार्च तक लोगों को जमीनों के क्रय-विक्रय में प्रस्तावित सूची अनुसार बढ़ी दस फीसद दरों से राहत मिल गई है।
जानकारी के अनुसार नवंबर-2022 में वर्ष-2023 में एक जनवरी से 31 दिसंबर तक जमीनों की प्रस्तावित कलेक्टर दरों की सूची जारी कर दी गई थी। इसे जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया था। 30 नवंबर तक आपत्तियां व सुझाव मांगने से लेकर उन पर फैसला लेने के लिए तहसील व जिला स्तर पर सात-सात सदस्यों की कमेटी भी गठित हो गई थी। 31 दिसंबर को डीसी संग हुई बैठक में रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन से उपप्रधान मनोज पंजेटा व अन्य पदाधिकारियों ने बढ़ाई प्रस्तावित दरों पर आपत्ति दर्ज कराई और मौजूदा दरें भी दस फीसदी तक कम करने का सुझाव रखे। ऐसे ही चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे थे। लेकिन अब बढ़ाई प्रस्तावित दरों से मार्च तक राहत मिल गई है, क्योंकि मामले में राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के वित्त आयुक्त कम अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि अप्रैल तक नई दरों को अंतिम रूप देने तक मौजूदा दरें लागू रहेंगी।
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बढ़ाने के बजाय दस फीसदी कम हों दरें-
रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन के उप प्रधान मनोज पंजेटा ने बताया कि जिले में काफी जगह जमीन का मार्केट रेट कलेक्टर रेट से कम है, इसलिए इन जगह जमीनों का क्रय-विक्रय नहीं हो पाता या इसके लिए अधिक स्टांप ड्यूटी व अन्य खर्च देने पड़ते हैं। उनकी मांग है कि मौजूदा कलेक्टर दरों को दस फीसदी बढ़ाने के बजाए दस फीसदी कम किया जाए।
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ऐसे समझें- कलेक्टर रेट बढ़ने पर कैसे पड़ेगी जेब पर मार....
पहले ही निर्माण सामग्री व अन्य खर्च महंगे होने से आशियाना बनाना लोगों को महंगा पड़ रहा है। उस पर जमीनों की रिहायशी कलेक्टर दरें बढ़ने जमीन खरीदनी और महंगी होगी। साथ ही स्टांप ड्यूटी व अन्य खर्च भी बढ़ेंगे। मान लीजिए जमीन की मौजूदा कलेक्टर दर प्रति वर्ग गज पांच हजार रुपये है। इस दर पर कोई सौ गज प्लॉट खरीदेगा तो उसकी कुल कीमत पांच लाख रुपये होगी, जिस पर सात प्रतिशत के हिसाब से 35 हजार रुपये स्टांप ड्यूटी पड़ेगी। अगर इसी जमीन का कलेक्टर दर दस फीसदी बढ़कर 5500 रुपये हो जाता है तो इस दर पर सौ गज प्लॉट खरीदने पर कुल कीमत साढ़े पांच लाख रुपये होगी और उस पर सात प्रतिशत के हिसाब से 38 हजार 500 रुपये स्टांप ड्यूटी देनी पड़ेगी।
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वर्जन
मार्च तक जमीनों की मौजूदा कलेक्टर दरें ही लागू रहेंगी। नई कलेक्टर दरों को अंतिम रूप देकर अप्रैल से लागू किया जाएगा। - रामफल कटारिया, डीआरओ, यमुनानगर।
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