यमुनानगर। इस मानसून तक शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शहर की सबसे बड़ी स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण में पांच वर्षों से काम अटका हुआ था। अब ड्रेन के रास्ते में आ रही चांदपुर आरओबी के नीचे की निजी जमीन को नगर निगम ने अधिग्रहित कर लिया है। वहीं रेलवे के हिस्से आ रहे ड्रेन के काम के लिए ठेकेदार की ओर से काम करने से इंकार करने पर रेलवे विभाग ने भी दोबारा निविदा लगा दी है। इसकी पुष्टि करते हुए नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने की है। उन्होंने बताया कि दो हफ्ते में ड्रेन का काम शुरू होगा और अगस्त तक यह पूरा कर लिया जाएगा। यानी मानसून के दौरान शहर में होने वाले जलभराव की दिक्कत इस मानसून सीजन में कुछ हद तक दूर हो सकती है।
जानकारी के अनुसार शहर के कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी में डिच ड्रेन तक स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का काम अमृत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) स्कीम में नगर निगम करवा रहा है। इसका 24 फरवरी 2019 को शिलान्यास हुआ। ड्रेन से जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का पानी यमुनानगर की कॉलोनियों के बजाय आउटर में पुराने एनएच-73 पर डायवर्ट कर डिच ड्रेन तक ले जाना है। इस 4500 मीटर लंबी ड्रेन का काम 15 अगस्त 2019 में पूरा करने का लक्ष्य था, पर अब तक पूरा नहीं हुआ। ड्रेन के काम में देरी की वजह काम लगने के बाद दूसरे विभागों से एनओसी लेने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी रही, ऐसा टेंडर व वर्क अलॉट बाद होने पर अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। इसके बाद बारिश के खलल में भी कई माह लटका। अब भी चांदपुर आरओबी समीप रेलवे ट्रैक व बीच आ रही जमीन पर ड्रेन डालने तक काम पूरा नहीं हो पाया। इससे बारिश होने पर पहले जैसे शहर के बड़े नाले से कॉलोनियों में जलभराव के हालात बनते रहे।
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निगम ने अधिग्रहित की जमीन, रेलवे ने दोबारा लगाया टेंडर-
आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि करीब 11.84 करोड़ रुपये से डाली जा रही स्टॉर्म वाटर ड्रेन का काम चांदपुर आरओबी के नीचे गुलाब नगर के पास निजी जमीन होने और रेलवे लाइन की वजह से रुका था। यहां 270 मीटर लंबाई में आरसीसी पाइप डाले जाने बाकी हैं। इनमें 70 मीटर में रेलवे द्वारा और बाकी जगह नगर निगम द्वारा कार्य होना। नगर निगम के हिस्से ड्रेन का काम बचा है, वहां निजी जमीन है, जिसे अब अधिग्रहित कर लिया गया है। यहां दो हफ्ते में पाइप लाइन डालने का काम शुरू होगा। रेलवे लाइन के नीचे पाइप लाइन डालने के लिए रेलवे को रुपये जमा करा रखे हैं। रेलवे की ओर से पहले टेंडर लगाया गया था, पर ठेकेदार ने कार्य करने से मना कर दिया था। अब रेलवे की ओर से दोबारा टेंडर लगाया गया है। जल्द रेलवे भी रेलवे लाइन के नीचे पाइप लाइन डालने का कार्य पूरा किया जाएगा। अगस्त तक ड्रेन का काम पूरा होगा। इससे बारिश में होने वाले जलभराव की दिक्कत नहीं होगी।
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ड्रेन से यह फायदा-
ड्रेन का निर्माण पूरा होने पर जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का गंदा पानी कन्हैया साहिब चौक से डायवर्ट कर जम्मू कॉलोनी ले जाया जा सकेगा। इससे कन्हैया साहिब चौक से शक्तिनगर, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी में बड़े नाले के ओवरफ्लो होकर जलभराव करने की दिक्कत खत्म होगी।
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