संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली खेल परिसर जिले का सबसे बड़ा मैदान है। लेकिन,सुविधाओं के नाम पर शून्य है। हालात ये हैं खिलाड़ियों के लिए खेलने के लिए मैदान तो है, परंतु दौड़ने के लिए बना ट्रैक उबड़-खाबड़ पड़ा है। ऐसे में खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा मैदान में घास की कटिंग भी नहीं हो पाई, ऐसे में काफी बड़ी घास उग गई है। इससे मच्छरों की तादाद भी बढ़ गई। यहां तक खिलाड़ियों के लिए मैदान में बनी सीटें भी जगह-जगह से टूट चुकी है। दोबारा से उन्हें मरम्मत तक नहीं किया गया। ऐसे में जिले का एक मात्र तेजली खेल स्टेडियम की सुरक्षा रामभरोसे चल रहा है।
खेल परिसर में कोई सिक्योरिटी गार्ड न होने के चलते। अक्सर परिसर का मुख्य गेट खुला रहता है। ऐसे में आउट साइडर के अलावा आवारा पशुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मैदान में दिनभर पशु चरते मिलेंगे। आवारा पशुओं की संख्या के कारण खिलाड़ी भी काफी परेशान हो चुके हैं। वहीं, स्टेडियम में सिक्योरिटी गार्ड न होने से कई असामाजिक तत्व खुले में शराब का सेवन करते हुए नजर आते हैं।
वही रहीं कसर चोरों ने पूरी कर दी। परिसर के अंदर आए दिन चोरी की घटनाएं बढ़ने लगी है। चोर घुसपैठ कर यहां से कीमती सामान को उड़ा रहे। विभाग कुछ नहीं कर पा रहा। खिलाड़ी अशोक, प्रमोद, अश्वनी ने बताया कि स्टेडियम में आने जाने वाले लोगों पर कोई रोकटोक नहीं है। अभ्यास के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मैदान भी सही नहीं बारिश के दिनों में तो यहां पानी भर जाता है।
मैदान का ट्रैक समय-समय पर दुरुस्त कराते रहते हैं, पहले बारिश के कारण घास को काटा नहीं जा सका, अब इसकी कटिंग कराई जाएगी। इसके अलावा खिलाड़ियों को आने वाली दिक्कतों के बारे में उनसे बातचीत भी की जाती है। - शिल्पा गुप्ता, डीएसओ, खेल विभाग।