संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एनएचएम कर्मचारियों ने वीरवार को भी सांझा मोर्चा के बैनर तले कार्मिक अनशन किया। महिला कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठीं। इस दौरान कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी मिल रहा है। हड़ताल की वजह से मरीजों को सैंपलों की रिपोर्ट देरी से मिल रही है।
रणजीत कॉलोनी व शर्मा कॉलोनी से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी के जो 17 सैंपल लिए थे उनकी जांच हड़ताल की वजह से अभी तक नहीं हो पाई है। पानी के सैंपल की रिपोर्ट अभी लंबित है। जिला प्रधान अमित गुर्जर ने बताया कि सात अगस्त को एनएचएम के एमडी के साथ बैठक हुई जिसमे सरकार पूरे प्रदेश के एन एचएम कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं देना चाहती। जिसको देखते हुए सभी कर्मचारियों में काफी रोष है।
प्रत्येक जिले में एनएचएम कर्मचारियों क्रमिक अनशन पर हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि उनके बाइलाज के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न की जाए। उनकी मांगे जल्द नहीं मानी गई तो एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन एक बहुत बड़ा रूप ले जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। हड़ताल की वजह से अस्पतालों में गर्भवतियों की डिलीवरी कम हो रही है। वहीं टीकाकरण का कार्य भी बाधित है। रेफरल ट्रांसपोर्ट की सुविधा पूरी तरह से ठप है।