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नर्सिंग कॉलेज में बनाया जा रहा है 125 ऑक्सीजन बेड का कोविड अस्पताल

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यमुनानगर। कोविड -19 की दूसरी लहर के बीच स्वास्थ्य ढांचे को बढ़ाने के लिए यमुनानगर जिले के एक नर्सिंग कॉलेज को 125-ऑक्सीजन बेड अस्पताल में परिवर्तित किया जा रहा है। गधौली गांव में यमुनानगर-पंचकूला राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित यमुना इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं और यह अस्पताल अगले सप्ताह तक शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन की देखरेख में यह स्पेशल कोविड अस्पताल यमुना इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्रबंधन द्वारा चलाया जाएगा। 125 ऑक्सीजन वाले इस अस्पताल में 25 प्रतिशत बेड गहन देखभाल इकाई यानि आईसीयू से लैस होंगे। इसके अलावा, बीआई-पीएपी (बाय-लेवल पॉजिटिव एयरवे प्रेशर) और हाई फ्लो नेक कैनुला सुविधाओं के साथ सात वेंटिलेटर और 20 बेड होंगे। इस स्पेशल अस्पताल के लिए यमुना इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्रबंधन ने दवा डॉक्टरों के साथ समझौता भी किया है और अन्य आवश्यक कर्मचारियों को भी भर्ती किया है।
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सीएमओ डॉ. विजय दहिया ने कहा कि हाल ही में मैंने व्यक्तिगत रूप से युद्ध स्तर पर चल रहे काम का निरीक्षण करने के लिए इस अस्पताल का दौरा किया 25 प्रतिशत कोविड रोगियों को इस अस्पताल में उस दर पर उपचार मिलेगा जिस पर आयुष्मान भारत कार्ड धारक अस्पतालों में इलाज कराते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यमुनानगर जिले की कोविड सकारात्मकता दर लगभग 15 प्रतिशत है। केवल 15-20 प्रतिशत रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। हालांकि जिले में लगभग 80 प्रतिशत सक्रिय रोगियों का इलाज घर पर ही किया जाता है। वर्तमान में जिले में कोविड -19 रोगियों के इलाज के लिए 10 सरकारी अस्पतालों और 9 निजी अस्पतालों सहित 19 जगहों पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन 19 अस्पतालों में 124 आईसीयू बेड, 209 गैर-ऑक्सीजन बेड और 274 ऑक्सीजन बेड हैं। इसके अलावा जिले में 29 वेंटिलेटर की उपलब्धता है।
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