अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया शनिवार को मुगलवाली गांव पहुंचे।
उन्होंने यहां सरस्वती नदी की खुदाई के दौरान निकली जलधारा की पूजा-अर्चना की और जल का आचमन किया। उन्होंने कहा कि वे हर हालत में सरस्वती नदी की जलधारा को उसके मुकाम तक पहुंचाएंगे।
सांसद ने कहा कि उन्होंने केंद्र में हरियाणा की संस्कृति और सरस्वती नदी से जुड़े मोहनजोदड़ो कालीन छह हजार वर्ष पूर्व के दस्तावेज सौंपे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले कुरुक्षेत्र की रैली में सरस्वती का मुद्दा ध्यान में लाया था। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही इस पर कार्य शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में केंद्रीय मंत्री उमा भारती, अरुण जेटली और महेश शर्मा रुचि ले रहे हैं। सांसद ने कहा कि उमा भारती ने नदी के महत्व पर संसद में प्रकाश डाला और नदी के उत्थान के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता जताई।
सांसद ने कहा कि 1999 में सरस्वती शोध संस्थान के अध्यक्ष दर्शन लाल जैन ने उन्हें संसद में सरस्वती नदी के उद्गम स्थल को खोजे जाने तथा नदी के उत्थान की आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया था। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सतबीर सिंह सैनी, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दाता राम सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।