जगाधरी। कालका लखनऊ स्टेशन के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस ट्रेन की अनुमति के फेर में फंसने से पटरी पर नहीं उतर पाई है। अभी तक इस ट्रेन को बोर्ड की अनुमति नहीं मिली है। वहीं, इसके संचालन के लिए अन्य मंडलों की अनुमति भी जरूरी है। पिछले साल यह ट्रेन लखनऊ मंडल की ओर से प्रस्तावित की गई थी। लखनऊ की मांग पर अंबाला मंडल ने इसका पाथ चार्ट दे दिया था। वहीं, इसका पूरा मसौदा तैयार कर मुख्यालय व अन्य मंडलों को भेजा था। परंतु अभी तक इसे अनुमति नहीं मिल पाई है। बोर्ड की मंजूरी से पहले बीच में पड़ने वाले मंडलों से अनुमति लेना जरूरी है। बता दें कि यह ट्रेन अंबाला, मुरादाबाद व लखनऊ तीन मंडल के स्टेशनों को कवर करेगी। योजना के अनुसार यह ट्रेन कालका से लखनऊ तक 666 किलोमीटर का रास्ता 12:20 घंटे में तय करेगी।
योजना के अनुसार इस ट्रेन के चंडीगढ़, अंबाला, यमुनानगर-जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर स्टेशन पर ठहराव प्रस्तावित हैं। ट्रेन कालका से शाम 6:30 बजे रवाना होकर शाम 7:05 बजे चंडीगढ़, 7:50 बजे अंबाला, रात 08:46 बजे यमुनानगर और 9:20 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। लखनऊ से यह ट्रेन शाम 05:50 पर चल कर अगले दिन अलसुबह 3:05 पर सहारनपुर और 3:44 बजे यमुनानगर जगाधरी पहुंचेगी। वहीं, कालका का समय सुबह छह बजकर पांच मिनट रहेगा। इस ट्रेन के चलने से यमुनानगर, अंबाला, सहारनपुर के लोगों को दोहरा फायदा होगा। इससे जहां लखनऊ जाना आसान होगा। वहीं, कालका के लिए भी सीधी ट्रेन मिलेगी। अभी लोगों को कालका के लिए अंबाला से ट्रेन लेनी पड़ती है या बस से सफर करना पड़ता है। अधिकारियों के अनुसार रेलवे बोर्ड कार्यालय में ट्रेन को लेकर चर्चा की गई है, परंतु अभी तक इसकी अनुमति नहीं मिली है। वहीं, इसके बाद अन्य भी कोई अपडेट बोर्ड की ओर से नहीं दिया गया है। ऐसे में यह ट्रेन अनुमति के फेर में फंस कर बेपटरी होती दिखाई दे रही है।
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तीनों मंडल की अनुमति जरूरी
ट्रेन संचालन के लिए तीनों मंडलों की अनुमति बेहद जरूरी है। मंडल की अनुमति के बिना यह योजना आगे नहीं बढ़ पाएगी। वहीं, यदि कोई मंडल इसके शेड्यूल बदलाव का प्रस्ताव देता है तो अंबाला मंडल को उस पर गौर करना होगा। चूंकि सभी मंडल अपने अधीनस्थ स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव अपने शेड्यूल के अनुसार ही करेगा। यदि कालका लखनऊ एक्सप्रेस का किसी स्टेशन पर पहुंचने का समय एक ही रूट की अन्य ट्रेन से मिलता होगा, तो मंडल को इसमें बदलाव करना होगा। अन्यथा ट्रेन ठहराव के लिए प्लेटफार्म संख्या बदलनी होगी। फिलहाल यह योजना अभी ठंडे बस्ते में है।
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कालका लखनऊ के बीच प्रस्तावित ट्रेन का शेड्यूल बनाकर भेजा गया था। इसे लेकर बोर्ड कार्यालय में चर्चा तो हुई थी, परंतु अभी तक बोर्ड की ओर से इसकी अनुमति नहीं मिल पाई है। अनुमति मिलने के बाद ही इस ट्रेन का संचालन किया जा सकेगा।
एनके झा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक।