कलेसर नेशनल पार्क में न केवल आसपास, बल्कि विदेशों से भी सैलानी घूमने के लिए आते हैं। यह पार्क 8 नवंबर 2015 से सार्वजनिक यात्रा के लिए खुला है। पार्क के प्रवेश द्वार के निकट एक टिकट विंडो और रिसेप्शन सेंटर स्थापित किया गया है।
वीकेंड के साथ-साथ विशेष अवसरों पर यहां आने वालों की संख्या बढ़ जाती है। पार्किंग, विश्राम कक्ष, पेयजल जैसी सार्वजनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। विभाग की ओर से दो सफारी गाड़ियों की व्यवस्था की हुई है। यह गाड़ी 16 किलोमीटर की यात्रा करवाती है।
कलेसर पार्क में घूमने से न केवल रोमांचक नजारा देखने को मिलता है, बल्कि जंगल में दुलर्भ प्राणी भी हैं। यहां तेंदुए, सांबर, चित्तल, नीलगाय, भालू, बिल्ली, जंगली धब्बेदार बिल्ली, हाथी, लंगूर, बंदर, जंगली मुर्गे जैसे जानवरों की प्रजातियां शामिल हैं।
जंगली सुअर व मोंगोज भी यहां पाए जाते हैं। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से भी कई बार बाघ और हाथी इस क्षेत्र में आ जाते हैं। 45 से अधिक तेंदुए कलेसर पार्क में वास करते हैं। विभाग वन्यप्राणी जीवों की गणना करा रहा है। इसके लिए पार्क में नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं। वाइल्ड लाइफ के अधिकारी राजेश चहल ने बताया कि नेशनल पार्क सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। सैलानियों को आकर्षित करने के लिए अनेक प्रकार के वन्य जीव देखने के लिए पर्यटक यहां आते हैं।