संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर और सुपरवाइजर के बीच चल रहे विवाद की जांच करने के लिए मंगलवार को महिला बाल विकास विभाग पंचकूला की संयुक्त निदेशक पूनम रमन जांच करने के लिए पहुंची। संयुक्त निदेशक कार्यालय में शिकायत करने वाली सुपरवाइजरों, पीओ बलजीत कौर और अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए।
इस दौरान सुपरवाइजरों ने बलजीत कौर के खिलाफ लिखित में कुछ दस्तावेज भी सौंपे। वहीं पीओ बलजीत कौर ने 25 दिसंबर से चल रहे इस आंदोलन पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए सारे प्रकरण को षड़यंत्र बताया। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत यह सब किया जा रहा है।
सुपरवाइजरों ने संयुक्त निदेशक से कहा कि अब पानी सिर से ऊपर गुजर चुका है। ऐसे में सभी सुपरवाइजर्स जिला कार्यक्रम अधिकारी के साथ काम नहीं कर सकतीं। वे केवल इस जिले से उनका तबादला ही चाहती हैं। संक्ति निदेशक के कहने पर सुपरवाइजरों ने अपने प्रदर्शन को दो दिन के लिए स्थगित कर दिया। एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जांच कमेटी द्वारा कोई निष्पक्ष निर्णय व इंसाफ नहीं किया तो सुपरवाइजर अपना आंदोलन दोबारा जोर-शोर से शुरू करेगी।
विभाग की डीपीओ बलजीत कौर का कहना है कि 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के उपलक्ष्य में सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें डीसी कैप्टन मनोज कुमार द्वारा सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा भी था कि यह सब टीम वर्क के कारण संभव हुआ है। जिस दिन सम्मानित किया गया उसी दिन उनके खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए गए। इससे पता चलता है कि इस प्रदर्शन में जरूर किसी का हाथ है।