यमुनानगर। करीब चार माह बाद बुलाई गई जिला परिषद की तीसरी मीटिंग विपक्ष के बायकाट करने से स्थगित कर दी गई। दूसरे खेमे ने पहली मीटिंग में पास हुए कुछ मुद्दों को मीटिंग के एजेंडे में शामिल करने का विरोध जताया। वहीं, पहली मीटिंग में विकास कार्यों के लिए पास किए गए तीन करोड़ के बजट में बंदरबांट करने का आरोप लगाया। जिप के वाइस चेयरमैन सहित विपक्ष का कोई सदस्य और कुछ भाजपा समर्थित सदस्य मीटिंग में नहीं पहुंचे। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद जिप चेयरपर्सन व अधिकारियों ने कोरम पूरा न होने पर बैठक स्थगित करने की घोषणा की। मीटिंग में जिप चेयरपर्सन सहित केवल चार ही सदस्य पहुंचे।
जिला परिषद की यह तीसरी बैठक थी। इससे पहले 23 जून को बुलाई गई जिला परिषद की बैठक भी कोरम पूरा न होने पर स्थगित कर दी गई थी। उससे पहले 14 जून को ही जिला परिषद की सफल बैठक हो पाई है। चार माह बाद बुधवार को जिला परिषद की मीटिंग लघु सचिवालय के सभागार में होनी थी। सवा 11 बजे जिप चैयरपर्सन रेनू बाला व अन्य अधिकारी पहुंच गए थे। इसके बाद एक-एक करके जिप सदस्य वार्ड नंबर तीन से मामचंद गुर्जर, वार्ड नंबर 13 से रामगोपाल शर्मा व वार्ड नंबर 17 से रीटा रानी पहुंच गई। लेकिन इसके बाद कोई भी सदस्य मीटिंग में नहीं पहुंचा। वाइस चेयरमैन अनिल संधू सहित दूसरे खेमे का कोई भी सदस्य मीटिंग में नहीं आया।
इसके अलावा भाजपा समर्थित कई सदस्य भी मीटिंग में नहीं पहुंचे। 12 बजे तक कोरम पूरा न होने के कारण मीटिंग को स्थगित करना पड़ा। उक्त सदस्यों के अलावा मीटिंग के लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रताप सिंह, जगाधरी ब्लॉक समिति चेयरमैन शशि दुरेजा, रादौर ब्लाक समिति चेयरमैन सुनीता देवी, छछरौली वाइस चेयरमैन कालाराम, सदस्य नीलम रानी आदि मौजूद रहे।
वाइस चेयरमैन सहित विपक्ष के सदस्यों ने किया बायकाट :
जिप के वाइस चेयरमैन अनिल संधू व विपक्ष के जिप सदस्य वार्ड शमीम खान, कर्मवती, नवाब जेलदार, मनीषा वालिया, धर्मपाल तिगरा, रामपा गुंदयानी, अशोक कुमार ने मीटिंग का बायकाट किया। जिन मामलों पर पहले सहमति हो चुकी है, उनको एजेंडे में रखा गया है, जबकि कई मामलों को एजेंडे में शामिल नहीं किया गया। जिला परिषद के सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। इस राशि में बंदरबांट की जा रही है। भाजपा समर्थित सदस्यों को ज्यादा तथा बाकियों को नाममात्र ग्रांट दी जा रही है। इसके चलते उन्होंने मीटिंग का बायकाट किया।
मीटिंग के एजेंडे में ये रखे गए मुद्दे :
1. जिला परिषद का कार्यालय भवन बनवाने बारे समीक्षा।
2. खंड साढौरा के गांव सरावां में स्थित जिला परिषद की भूमि की निशानदेही करवाने बारे।
3. स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत खुले में शौच मुक्त योजना में चयनित ग्राम पंचायतों को सरकार की ओर से एक लाख रुपये की राशि ईनाम के तौर पर दिए जाने की समीक्षा।
जिला परिषद की मीटिंग के लिए सभी सदस्यों को सूचना दी गई थी। आठ सितंबर को कैथल में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर की आयोजित बैठक में यमुनानगर के कार्यालय का भवन बनाने का मुद्दा उठाया गया था। जिसके तहत जिला परिषद के कार्यालय भवन का निर्माण करने हेतु भूमि की फिजिबिलटी रिपोर्ट सरकार को भेजने बारे आदेश हुए। इसके के चलते मीटिंग में यह मुद्दा रखा गया था। 12 बजे तक सदस्यों का इंतजार किया गया। कोरम पूरा न होने पर मीटिंग को स्थगित करना पड़ा।
रेणू बाला, चेयरपर्सन, जिला परिषद यमुनानगर।