यमुनानगर। शहर के गाबा अस्पताल में एक महिला मरीज की मौत के बाद उसके गहने चोरी करने का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों का आरोप है कि जब उन्हें शव दिया गया तो गले, हाथ व कानों में पहने गहने गायब थे। महिला के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन की तरफ से आरोपों को गलत बताया गया है।
सहारनपुर के पंजाबी बामे निवासी प्रवीण कुमार सिंह ने शहर यमुनानगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 मई को उसकी मां सुनीता सिंह (52) की तबीयत खराब हुई थी, जिस पर उसी दिन गाबा अस्पताल में भर्ती कराया था। उस दिन उसकी मां के गले में सोने की चेन, कानों में सोने की बालियां, हाथ में सोने की अंगूठी थी, जिसकी कीमत लाखों में थी। 24 मई की रात करीब 8 बजे अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बताया कि सुनीता की मौत हो गई है। जब उसका भाई अभिमन्यु सिंह अपनी मां को लेने गया तो उनका शव देखने से ऐसा लग रहा था कि उनकी मौत एक दिन पहले ही हो चुकी थी। जब अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी मां का शव दिया तो उसके गले में न तो सोने की चेन थी और न ही कानों में सोने की बालियां। वहीं हाथ से सोने की अंगूठी भी गायब थी। जब उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों से इस बारे में बात की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि उपचार के दौरान उसकी मां के गहने चोरी किए गए हैं। मरीज के कीमती सामान की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की बनती है। ऐसे में एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच की जाए।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
-गाबा अस्पताल के सीईओ राहुल बेदी का कहना है कि हमने अपने स्तर पर सीसीटीवी फुटेज देखी है, लेकिन उसके शरीर पर कोई गहने नहीं दिखाई दे रहे हैं। अस्पताल का कोई कर्मचारी ऐसी हरकत नहीं कर सकता। शव से गहने चोरी किए जाने के आरोप गलत हैं। हम पुलिस की जांच में सहयोग को तैयार हैं। जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा।
इस बारे में जांच अधिकारी अनूप सिंह का कहना है कि मृत महिला के बेटे की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गहने चोरी करने का केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे।