संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिजली निगम के जेई सुरेश कुमार को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशविंद्र पाल सिंह की अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में चार साल जेल और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला 20 अक्तूबर 2022 का है, जब विजिलेंस थाना पंचकूला में गांव बकाना निवासी जयप्रकाश की शिकायत पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, दो वर्ष पूर्व उसका घरेलू बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। 17 अक्तूबर 2022 को उसे जानकारी मिली कि उसके खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज करने पर भी विचार हो रहा है।
अगले दिन जेई सुरेश कुमार ने केस को रफा-दफा करने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। आरोप है कि उसने मौके पर पांच हजार रुपये ले लिए और शेष राशि बाद में देने को कहा। जयप्रकाश ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग को दी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए जिला खेल अधिकारी राजेंद्र पाल गुप्ता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी जेई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।