यमुनानगर। कबाड़ की आड़ में अवैध संपत्तियों का बड़ा साम्राज्य खड़ा करने वाले नरेश वर्मा उर्फ काला कबाड़ी की दो हजार गज में बनीं नौ संपत्तियों को सोमवार को ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस बल के साथ पहुंची नगर निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से उक्त कार्रवाई की जो सुबह आठ बजे से देर शाम तक जारी रही। काला कबाड़ी के करोड़ों के काले साम्राज्य का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उसे बेहतरीन जिम के अलावा महंगे जानवरों का शौक था। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने दो कारें भी जब्त की, जबकि पांच महंगी कारें और 49 बाइकें पहले ही जब्त की जा चुकी थीं। बताया जा रहा है कि काला कबाड़ी फाइनेंस का भी काम करता था और लोगों से 25 प्रतिशत तक ब्याज वसूलता था। अदा न करने वालों के वाहन जब्त कर लेता था। उसने अधिकतर संपत्तियां व्यावसायिक कार्यों के लिए अवैध रूप से बनाई थी, जिसके लिए नगर निगम ने उसे कई बार नोटिस जारी किया था।
शहर में ग्रीन पार्क निवासी नरेश वर्मा उर्फ काला कबाड़ी फिलहाल जेल में बंद है और उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पत्नी ने भी उस पर मारपीट और फायरिंग करने का आरोप लगाया था जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान धीरे-धीरे उसके काले साम्राज्य का खुलासा हुआ। यही काला कबाड़ी के भाई सोनू पर भी फायरिंग करने के साथ-साथ अवैध वसूली और अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं और वो भी जेल में बंद है। कुछ दिन पहले नगर निगम ने उसकी अवैध संपत्तियों पर नोटिस चस्पा किए थे। इन नोटिसों के बाद संपत्ति ढहाने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद सोमवार की सुबह निगमायुक्त आयुष सिन्हा व एसपी गंगाराम पूनिया के निर्देशों पर डीएसपी राजेश कुमार, निगम अभियंता कुलदीप यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने पुलिस बल और छह जेसीबी की मदद से आरोपी काला कबाड़ी की संपत्तियों पर पीला पंजा चलाकर उन्हें गिरा दिया। सुबह आठ बजे से शुरू हुई निगम और पुलिस की कार्रवाई देर शाम साढ़े सात बजे खत्म हुई।
दो से तीन मंजिला थे भवन, पाल रखे थे मुर्गे व तीतर, बुलडॉग भी मिले
जांच में सामने आया कि काला कबाड़ी ने हर बिल्डिंग को दो से तीन मंजिला बनाया हुआ था। इन सभी में श्री बालाजी जिम, श्रीबालाजी पीजी, श्री बालाजी ज्वेलर्स इत्यादि कार्य चल रहे थे जिसे पुलिस ने पहले ही खाली करा दिया था। उसने भवनों में मुर्गे, तीतर व खरगोश भी पाल रखे थे। कुछेक दुधारू गाय व बकरियां भी रखी हुई थीं। इसके अलावा अलग-अलग नस्ल के बुलडॉग कुत्ते भी थे, जिनकी संख्या करीब नौ थी, जबकि इस प्रकार के डॉग रखने पर बैन है। इन्हें भी प्रशासन ने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा लकड़ी हट भी बनाई हुई थी जिसमें कूलर के अलावा अंदर बेहतरीन कुर्सियां लगाई हुई थीं। जिम में भी महंगी मशीनें देखकर पुलिस की टीम भी हैरान रह गई।
-
नोटिस में निगम की ओर से यह मांगी गई थी जानकारी
नगर निगम के एटीपी एवं सहायक अभियंता कुलदीप यादव ने बताया कि आरोपी काला कबाड़ी की नौ संपत्तियों पर पीला पंजा चलाया गया है। आरोपी काला कबाड़ी ने यह संपत्तियां अवैध रूप से निगम एरिया में बनाई हुई थी। पिछले दिनों काला कबाड़ी को जारी नोटिस में पूछा गया था कि उसने संपत्ति कैसे खरीदी। साथ ही संपत्ति पर हुए निर्माण का नक्शा पास है या नहीं। निगम रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि जिस जगह पर उसकी संपत्ति है। वह नगर निगम के रिकॉर्ड में अवैध है। इसलिए निगम की ओर से उसे ढहाने का नोटिस दिया गया था। सोमवार को निगम टीम ने काला कबाड़ी की रामपुरा में ग्रीन पार्क, सौभाग्य रिजॉर्ट के पास, गधौली कॉलोनी, जगाधरी, सेक्टर 17 समेत नौ स्थानों पर बनी अवैध संपत्तियों को जेसीबी की मदद से गिरा दिया। यहां आरोपी ने कबाड़ी का काम, जिम, डेयरी, पीजी व अन्य व्यवसाय चला रखा था।
-
पुलिस पर भी उठे थे सवाल, एसआई ने जब्त किए थे 54 वाहन
काला कबाड़ी के अवैध धंधों को लेकर पुलिस पर भी सवाल उठ रहे, क्योंकि कई पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ उसका अच्छा रसूख था। यही कारण है कि एसपी ने मामले में एसआईटी बनाई, जिसके बाद एसआईटी की टीम ने काला कबाड़ी के कब्जे से 54 वाहन बरामद किए थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद सोमवार को निगम की ओर से अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई से पूर्व पुलिस ने काला कबाड़ी के घर व गोदामों की तरफ आने वाले दोनों रास्तों को बंद कर दिया था। दोनों तरफ पुलिस ने लोहे की तार के अलावा अपने वाहनों को भी अड़ा दिया था, यहां तक जो लोग इस तरफ आ रहे थे उन्हें वहां से डायवर्ट किया जा रहा था।
वकील ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप, बार एसो. ने कार्य बहिष्कार का किया एलान
यमुनानगर। रामपुरा के पीछे काला कबाड़ी की संपत्ति पर जब बुलडोजर चल रहा था तो वहीं बराबर वाली कॉलोनी कैलाश नगर के रहने वाले अधिवक्ता सुमित मनी उधर से निकल रहे थे। तभी चौकी इंचार्ज ने उन्हें रोक लिया और दूसरे रास्ते से जाने के लिए कहा। आरोप है कि जब अधिवक्ता ने अपना परिचय देने के साथ ही विजिटिंग कार्ड दिखाया तो पुलिसकर्मी ने उसे फाड़ कर फेंक दिया। अधिवक्ता सुमित का आरोप है कि तभी वहां डीएसपी व अन्य पुलिसकर्मी भी आ गए और सभी ने उनसे मारपीट कर पुलिस जीप में बैठा कर थाना यमुनानगर शहर भिजवा दिया। इस बात का पता डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन जगाधरी-यमुनानगर को लगा तो सभी थाने पहुंचे और अधिवक्ता को छुड़ा कर साथ ले गए। साथ ही पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगा न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इस संबंध में वकील की ओर से एसपी को भी लिखित शिकायत दी गई है। उधर, एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि उन्होंने शिकायत की जांच डीएसपी को सौंप दी है, कल शाम तक रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
-