संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास में कार्यरत जेबीटी शिक्षक एवं व्यासपुर निवासी पवन कुमार कश्यप को शनिवार को पंचकूला के सेक्टर-एक स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्यपाल प्रो. असीम घोष ने उन्हें प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रजत पदक और शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए चुना गया था। पवन समारोह में पत्नी मीनू के साथ पहुंचे। जिले के किसी जेबीटी शिक्षक को करीब 24 साल बाद यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। इससे पहले वर्ष 2002 में देवधर गांव के जयकुमार रोहिला को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राज्य स्तरीय समारोह में पवन कुमार को एक लाख रुपये की नकद राशि, मेडल, दो एडवांस इंक्रीमेंट और शॉल प्रदान की गई। पुरस्कार मिलने पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने उन्हें बधाई दी।
मूल रूप से व्यासपुर निवासी पवन कुमार कश्यप ने वर्ष 2000 में शिक्षक के रूप में अपने सफर की शुरुआत की। वर्ष 2016 तक उन्होंने राजकीय प्राथमिक पाठशाला फेरुवाला में सेवाएं दीं। पिछले करीब 10 वर्षों से वह राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास में कार्यरत हैं। उनके प्रयासों से स्कूल ने मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण प्रतियोगिता में खंड और जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया।
स्कूल की प्रिंट-रिच गतिविधियों ने भी जिला और राज्य स्तर पर दो बार प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाया। इसके अलावा हिंदी पखवाड़ा क्विज, सांस्कृतिक और अन्य शैक्षणिक प्रतियोगिताओं तथा मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने जिला और राज्य स्तर पर उपलब्धियां हासिल कीं।
पढ़ाई के साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय
पवन कश्यप का निपुण हरियाणा मिशन में भी सराहनीय योगदान रहा है। निपुण प्रदर्शनी, निपुण बाल रामलीला, निपुण रिपोर्टर और कपालमोचन मेले की प्रदर्शनियों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों के भाषाई, गणितीय और रचनात्मक कौशल को बढ़ाने का काम किया। शिक्षण के साथ वह सामाजिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय रहे। वर्ष 2015 में फेरुवाला स्कूल से रक्तदान शिविर की शुरुआत की थी। अब तक वह 16 रक्तदान शिविर आयोजित करवा चुके हैं और स्वयं 15 बार रक्तदान कर चुके हैं। स्काउट एवं गाइड से जुड़कर वह विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने में भी योगदान दे रहे हैं।