संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पंचकूला से आए 86 जेबीटी को स्कूल अलॉट किए गए हैं। मंगलवार को काउंसलिंग के बाद 60 जेबीटी ने स्कूल में ज्वाइन किया था। वहीं शेष ने बुधवार को ज्वाइन कर लिया। वहीं जेबीटी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से की काउंसलिंग से संतुष्ट हैं।
जेबीटी का कहना है कि डीईईओ कार्यालय द्वारा पहले दिन सभी स्टेशन नहीं दिखाए गए थे। जिस कारण उन्हें दूर के स्टेशन मिले हैं। इसके साथ ही काउंसिल भी एक साथ नहीं की गई। इससे एमआईएस पोर्टल के अनुसार जिनके अंक अधिक थे, उन्हें दूर के स्टेशन मिले हैं। जिनके अंक कम थे, उन्हें पास के स्टेशन दे दिए गए हैं। यही इतना नहीं छछरौली खंड में सबसे ज्यादा ऐसे स्कूल हैं, जहां एक भी शिक्षक नहीं है और छछरौली को मात्र 13 शिक्षक दिए गए हैं।
वहीं सरस्वती नगर में सबसे ज्यादा अतिथि अध्यापकों को भेजा गया है। पहले डीईईओ कार्यालय की ओर से कहा गया कि सिर्फ जीरो शिक्षक वाले स्कूलों में ही सरप्लस अतिथि अध्यापकों को भेजा जाएगा। बाद में ऐसे स्कूलों में भी अतिथि अध्यापकों को भेजा गया, जहां पहले से शिक्षक मौजूद हैं। काउंसलिंग में गड़बड़ का आरोप जेबीटी लगा रहे हैं और इसके विरोध में उन्होंने आगामी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
उनका कहना है कि वे इसका विरोध करेंगे। वहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि नियमानुसार काउंसलिंग की गई है। किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है। काउंसलिंग के बाद जेबीटी को उनके स्टेशन अलॉट किए गए हैं। यदि किसी को कोई समस्या आ रही है तो कार्यालय में लिखित रूप से दें। समाधान का प्रयास किया जाएगा। जिन शिक्षकों ने काउंसलिंग में भाग नहीं लिया, अब उन्हें मर्जी का स्टेशन नहीं मिल सकता है।