जिले के सबसे विवादास्पद जठलाना थाना पर फिर गाज गिरी है। एसपी के आदेशों के 20 दिन बाद भी कार्रवाई न करने पर महिला ने जहरीला पदार्थ निगलकर जान दे दी। महिला की मौत पर देर रात भड़के लोगों ने हंगामा किया और शव उठाने से मना कर दिया। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मामले में जठलाना थाने के कार्यवाहक एसएचओ चंद्रपाल व मुंशी नरेश कांबोज को सस्पेंड कर दिया।
बता दें कि मामले का पता चलते ही मेयर मदन चौहान, डीएसपी हेडर्क्वाटर रणधीर सिंह, रादौर डीएसपी कुशलपाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। परिजन केस दर्ज न करने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने और महिला से साजिश के तहत दुष्कर्म करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। जीते जी दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई न करने वाली पुलिस देर रात 12 बजे ही मामले में दो महिलाओं समेत सात लोगों पर केस दर्ज किया और मुख्य आरोपी मनोज समेत दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मृतक महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। दोपहर बाद करीब तीन बजे महिला का अंतिम संस्कार होने पर पुलिस ने चैन की सांस ली।
पांच में से केवल दो ही पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर की खानापूर्ति, आज एसपी से मिलेंगे परिजन : महिला के सुसाइड मामले में मृतका के परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। मृतक महिला के चाचा ने बताया कि उनकी ओर से मामले में कार्रवाई न करने वाले पांच पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने और तुरंत प्रभाव से उन्हें सस्पेंड किए जाने की मांग की गई थी। लेकिन पुलिस विभाग की ओर से मात्र दो ही पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड करके खानापूर्ति की गई है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर क्षेत्र के लोग बुधवार को कांग्रेसी नेता विरेंद्र चौहान के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह से मिलेंगे। जिसमें पांचों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने व शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।
दो घंटे तक अस्पताल से उठाने नहीं दिया शव, गिरफ्तारी होने की पुष्टि हुई तो शव उठाने को हुए तैयार : जठलाना थाने में देर शाम करीब साढ़े छह बजे महिला ने कीटनाशक दवाई पी ली थी। जिसके बाद परिजन उसे बाइक पर बिठाकर अस्पताल ले गए थे। जहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां रात दस बजे उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची। लेकिन परिजनों ने उन्हें शव को उठाने नहीं दिया। रात 12 बजे तक पुलिस अधिकारी उन्हें समझाते रहे, लेकिन परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। रात 12 बजे की पुलिस गांव खजूरी में गई और आरोपी मनोज व प्रदूमन को गिरफ्तार किया। परिजनों को जब उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि हुई तो उन्होंने शव को उठाने दिया।
मृतका के पिता ने दी शिकायत : मृतका के पिता ने बताया कि उसकी 23 वर्षीय बेटी की शादी अप्रैल 2016 में गांव बापा में हुई थी। शादी के बाद अभी तक उसे कोई संतान पैदा नहीं हुई। जिसको लेकर उसकी बेटी की सास, मासी सास उसकी बेटी परेशान करते थे। उसकी बेटी ने गांव की एक लड़की को पूूरी बात बताई। उस लड़की ने उसकी बेटी को कहा था कि वो उसका तलाक करवा देगी और उसकी नौकरी का इंतजाम भी करवा देगी। उस लड़की ने 10 मई को गांव के प्रदूमन के साथ उसकी बेटी को जगाधरी कोर्ट में भेजा। वहां पर आरोपी खजूरी निवासी मनोज पहले से मौजूद था। यहां पर आरोपियों ने उसकी बेटी को तलाक के कागजात की बात कहकर एक कोरे कागज पर बेटी के साइन करवाए। जगाधरी बस स्टैंड के पास आरोपियों ने उसकी बेटी को जूस पिलाया। जूस पीते ही उसकी बेटी नशे की हालत में हो गई। जिसके बाद आरोपियों ने उसकी फोटो व वीडियो बना ली। आरोपी मनोज व अन्य ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 12 मई को आरोपी मनोज दिल्ली के रास्ते कानपुर से होता हुआ उसकी बेटी को लखनऊ लेकर गया। जहां पर आरोपी मनोज ने उसकी बेटी के साथ गलत काम किया और उसे टार्चर करना शुरू कर दिया। कई दिनों तक वे उसे लखनऊ, बद्दी, हिमाचल प्रदेश व अन्य स्थानों पर घुमाता रहा और संबंध बनाता रहा। 25 जुलाई की सुबह आरोपी मनोज उसकी बेटी को रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में लेकर आया। यहां पर खजूरी निवासी आरोपी सुरेंद्र उर्फ काला व राजेश मिले। कोर्ट में जाने की बात कहकर मनोज ने उसे कार में बैठा दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे मनोज के रिश्तेदार संजू के घर पर रखा। आरोप है कि यहां पर संजू व उसकी पत्नी ने उसे वेश्यावृति के धंधे में जाने के लिए मजबूर किया। लेकिन उसकी बेटी ने ऐसा करने से मना कर दिया। जिसपर आरोपी उसे परेशान करने लगे। इसके बाद किसी तरह वह उनके चंगुल से निकली और घर आकर आपबीती सुनाई।
एसपी की शिकायत पर भी कार्रवाई न हुई तो निगला जहर : परिजनों ने बताया कि मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसपर उन्होंने 13 अगस्त को शिकायत एसपी को दी। एसपी ने जठलाना थाना पुलिस को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए और उसे जठलाना थाना पुलिस से मिलने की बात कही। 17 अगस्त को जठलाना थाने में एक महिला पुलिस कर्मी ने उसके बयान लिए। लेकिन उसके बाद भी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया। सोमवार को पीड़ित महिला व उसके परिजन मामले को लेकर थाने में पहुंचे। लेकिन जब महिला को पता चला कि इस मामले में पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की, तो उसने थाने के अंदर ही कीटनाशक पी ली। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह थाने के अंदर ही गिर गई। परिजन उसे बाइक पर अस्पताल लेकर पहुंचे। शहर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान देर रात 10 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने गांव खजूरी निवासी मनोज कुमार, सुरेंद्र उर्फ काला, संजू, राजेश, परमजीत कौर, सरिता व प्रदुमन निवासी संधाला के खिलाफ मामला दर्जकर लिया है। पुलिस ने अभी तक मनोज कुमार व प्रदुमन को गिरफ्तार किया है। जबकि शेष पांच लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताये जा रहे है।
मृतक महिला के पिता की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी नामजद लोगों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में जठलाना थाना के दो पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया है। मामले की जांच कर रहे है। जांच में यदि अन्य पुलिसकर्मी की भी लापरवाही सामने आएगी तो उनपर भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- कुशलपाल राणा, डीएसपी रादौर।