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जाट आरक्षण आंदोलन की घोषणा को लेकर प्रशासन सतर्क

Sun, 05 Jun 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आंदोलन - फोटो : ब्यूरो
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यमुनानगर। लघु सचिवालय के सभागार में डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने जाट नेताओं द्वारा आरक्षण के संबंध में पांच जून को दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेटों समेत अन्य अधिकारियों की बैठक ली। इसके साथ ही जिला व पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला, जो कि लघु सचिवालय से जगाधरी, छछरौली, बिलासपुर, साढौरा, थाना छप्पर, मुस्तफाबाद, रादौर, जठलाना से होते हुए यमुनानगर पहुंचा।
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डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने स्पष्ट किया कि जाट आंदोलन को ध्यान में रख किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए पूरे जिले में कानून एवं व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने को फ्लैग मार्च निकाला गया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण की आड़ में किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में नही लेने दिया जाएगा। गत फरवरी माह में जाट आंदोलन के दौरान हुए जानमाल के नुकसान को देखते हुए डॉ. एसएस फूलिया ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति किसी आंदोलन की आड़ में किसी की संपति व सार्वजनिक सम्पति को नुकसान पहुंचाएगा तो सरकार के निर्देशानुसार उस नुकसान की भरपाई नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति से व उसकी संपति को बेचकर की जाएगी।

डीसी ने कहा कि जाट नेताओं द्वारा आरक्षण के संबंध में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी से निपटने के लिए जिलास्तर पर एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है, जिसका दूरभाष नंबर 01732-237010 तथा पुलिस कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 01732-231305, 100 पर कोई भी व्यक्ति किसी आंदोलन, रोड जाम, तोडफ़ोड़ व आगजनी के बारे में सूचना देकर सहायता प्राप्त कर सकता है। कंट्रोल रूम के इसी नंबर पर कोई भी अधिकारी/कर्मचारी भी महत्वपूर्ण सूचनाएं दे सकते हैं।
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बैठक में एसपी सुमेर प्रताप सिंह व एडीसी डॉ. शालीन ने भी जाट आरक्षण को लेकर तैयारियां करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर जगाधरी व बिलासपुर के एसडीएम प्रेमचंद व नवीन आहूजा, नगराधीश भारत भूषण कौशिक, डीएसपी अजय राणा, मदन काम्बोज, आदर्श दीप सिंह, डीएफएससी सुरेंद्र कुमार, जिला वन अधिकारी रविंद्र धनखड़ सहित सिविल व पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जो गलतियां पहले हुईं, वह अब न होने पाएं:
जिलाधीश ने बैठक में दोनों उपमण्डलाधीशों व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने को बातचीत करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पहले से ही पूरी तैयारियां कर लें और जो गलतियां यदि किसी अधिकारी से पहले हुई हैं, वे गलतियां अब न होने पाएं।

सभी अधिकारी मिलके कार्य करे और ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार से संपत्ति का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत किसी प्रकार की बाधा या रुकावट को देखते हुए किसी व्यक्ति को पहले भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति रखे सुनिश्चित, न होने पाए ब्रेक डाउन:
डॉ. फूलिया ने सभी सिविल एवं पुलिस अधिकारियों व विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए की वह मुख्यालय न छोड़ें और हमेशा सजग रहे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित रखी जाए। बिजली में कही ब्रेक डाउन न होने पाए, पानी की आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में भी हर प्रकार से पूरी तैयारी रखी जाए।
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