संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। विधानसभा चुनाव आचार संहिता के दौरान ड्यूटी पर राजनीतिक दल के चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने के मामले में जगाधरी के खंड शिक्षा अधिकारी करनैल सिंह संधावा को निलंबित कर दिया गया है। निदेशालय ने आचार संहिता के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। आदेश का पत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेज दिया गया है।
पत्र में आदेश दिए गए हैं कि सस्पेंशन के दौरान बीईओ केएस संधावा शिक्षा विभाग के जिला मुख्यालय जिला शिक्षा सदन कार्यालय में बैठेंगे। उन्हें बिना मुख्यालय की अनुमति के कार्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
वहीं, इस दौरान उनका निर्वाह भत्ता जारी रहेगा। यह आदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने जारी किए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी जगाधरी करनैल सिंह संधावा को निदेशालय की ओर से निलंबित किया गया है। उनके कार्यालय में निलंबन संबंधी आदेश भेजे गए हैं।
इस दौरान केएस संधावा डीईओ कार्यालय में रहेंगे। मुख्यालय की अनुमति के बिना उन्हें जिला कार्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक कार्य दिवस में बीईओ को जिला शिक्षा सदन कार्यालय में बैठना होगा। खंड शिक्षा अधिकारी पर ड्यूटी के दौरान आचार संहिता में राजनीतिक दल के चुनावी कार्यक्रम में भाग लेना का आरोप है। जिस पर निदेशालय ने कड़ा संज्ञान लिया है।
करनैल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत की गई है। शासन के आदेशानुसार, निलंबन की अवधि में करनैल सिंह को नियमानुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा।
इस दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा सदन कार्यालय में रहेगा। वे बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कार्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
इससे पहले केएस संधावा की पत्नी का नाम मेयर प्रत्याशी के रूप में उछला था। बताया जाता है कि केएस संधावा पत्नी के लिए भाजपा से मेयर की टिकट मांग रहे थे। इस दौरान भी कई लोगों ने उनकी खिलाफत की थी। वहीं, बताया जाता है कि उनके खिलाफ कुछ अन्य विभागीय शिकायतें भी थीं। ऐसे में निदेशालय ने उनके निलंबन के आदेश दिए हैं। इसके बाद क्या होगा ये आने वाला समय बताया।
बनने वाले थे डिप्टी डीईओ
बीईओ करनैल सिंह संधावा को जल्द ही पद्दोन्नत किया जाना था। जिसके बाद वे खंड शिक्षा अधिकारी से उपजिला शिक्षा अधिकारी बन जाते। इसके लिए अधिकारिक आदेश होने का केएस संधावा इंतजार कर रहे थे। यह पद्दोन्नति उन्हें वरिष्ठता के अनुसार दी जानी थी। परंतु उससे पहले वे विस चुनाव आचार संहिता उलंघन्न के मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया। बताया जाता है कि इसके लिए एक बड़े राजनेता ने सरकार व विभाग से इसकी सिफारिश व शिकायत की थी।