संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में घूम रहे लावारिस कुत्तों ने लोगों का घर से बाहर निकलना दुश्वार कर दिया है। लावारिस कुत्ते झुंड बनाकर गलियों में बैठे रहते हैं। इतना ही नहीं लोगों के गेट तक पर कुत्तों ने कब्जा कर रखा है। गेट के आगे लेट कर कुत्ते सारा दिन धूप का आनंद लेते रहते हैं। ऐसे में लोग न तो अपने घर के अंदर ही जा पाते हैं और न ही अंदर से बाहर आ सकते हैं।
कुत्ते हर माह 550 से 600 लोगों को कुत्ता काट रहा है। इसके लिए एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए लोग मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल व उप जिला अस्पताल जगाधरी में पहुंच रहे हैं। सेक्टर-17 के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके बच्चे निजी स्कूल में जाते हैं। कुछ लोग सेक्टर में आकर बेसहारा कुत्तों को चिकन बेसड फूड खिलाते हैं। यह बाजार से मिलता है। इसमें चिकन के अवशेष मिले होते हैं।
जब कुत्तों को वह भोजन नहीं मिलता तो वह स्कूल जाने वाले बच्चों के पीछे दौड़ते हैं। भूख के कारण वह पागल हो जाते हैं। इस बारे में उन्होंने भोजन खिलाने वाले लोगों को बोला भी था, लेकिन उल्टा उन्हें ही भला बुरा कहा जाने लगा। उनका कहना है कि वह कुत्तों को भोजन खिलाने खिलाने के खिलाफ नहीं है। यदि इन्हीं कुत्तों को आबादी से थोड़ा दूर ले जाकर भोजन कराया जाना चाहिए। काफी लोग ऐसे भी हैं जो कुत्तों को दूध भी पिलाते हैं।
मॉडल टाउन निवासी रवि व संजीव का कहना है कि शहर में बेसहारा कुत्तों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि कई बार तो गलियों में इंसानों से ज्यादा कुत्ते ही नजर आते हैं। घर से न तो पैदल निकल सकते हैं और न ही बाइक पर। पता नहीं गली में खड़े कुत्ते कब पीछे दौड़ पड़ें। यदि आप कार के अंदर बैठे हैं तो कुत्तों से सुरक्षित हैं वरना नहीं।
वर्कशॉप रोड निवासी पवन का कहना है कि कई बार तो ऐसा देखा गया है जब कुत्ते गली में आराम से बैठे रहते हैं। परंतु जैसे ही उनके पास से कोई निकलता है तो कुत्ते अचानक पीछे दौड़ पड़ते हैं। इससे बाइक सवार भी हड़बड़ा कर नीचे गिर जाते हैं या फिर दूसरे वाहन से टकरा जाते हैं। नगर निगम के अधिकारी कुत्तों को न तो पकड़ते हैं और न ही इन्हें कहीं अलग से रखने का प्रबंध करते हैं।
शहर में लावारिस कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण करने के लिए टेंडर के माध्यम से एजेंसी को वर्क ऑर्डर कर दिया है। जल्द ही एजेंसी अपना कार्य शुरू कर देगी। इसके बाद कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लग जाएगा। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।