संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने खराब ई-बाइक के मामले में आदेश दिया है कि शिकायतकर्ता की ई-बाइक की खराब बैटरी को बदला जाए। इसके बाइक सही तरीके से काम नहीं करती है तो कंपनी और डीलर को नई बाइक देनी होगी या 61 हजार रुपये लौटाने होंगे।
आयोग ने मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 5500 रुपये अदा करने के आदेश भी दिए हैं। आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि गांव हरीपुर कम्बोयां निवासी विपिन कुमार ने चार मई 2022 को जगाधरी स्थित फ्यूचर ग्रीन ट्रेडर्स से 61 हजार रुपये में यो ड्रिफ्ट डीएक्स मॉडल की ई-बाइक खरीदी थी।
बाइक के खरीदते ही बैटरी चार्ज न होने और अन्य तकनीकी समस्याएं सामने आने लगीं। शिकायतकर्ता ने कई बार डीलर और कंपनी से संपर्क किया। आरोप लगाया गया कि दो-तीन बार बैटरी बदली गई, लेकिन नई के स्थान पर पुरानी बैटरी लगाई जाती रही, जिससे वाहन चलाने में भारी परेशानी हुई।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने 21 अप्रैल 2023 को कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। वहीं, फ्यूचर ग्रीन ट्रेडर्स ने आयोग में दायर जवाब में कहा कि शिकायतकर्ता ने कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर से नियमित सर्विस नहीं करवाई, जबकि बिल में हर दो महीने में सर्विस करवाना अनिवार्य बताया गया था। डीलर का कहना था कि निर्धारित समय पर सर्विस न कराने से वारंटी स्वत: समाप्त हो जाती है। आयोग ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों और साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस की प्राप्ति से विपक्षी पक्ष ने इंकार नहीं किया।
आयोग ने माना कि वारंटी अवधि के भीतर शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद डीलर और निर्माता ने समस्या का समाधान नहीं किया, जो स्पष्ट रूप से सेवा में कमी और लापरवाही का मामला है। आयोग ने यह भी टिप्पणी की कि निर्माता कंपनी इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड को नोटिस मिलने के बावजूद वह आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुई और उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई।
आयोग ने आदेश में कहा कि दोनों विपक्षी पक्ष संयुक्त रूप से और अलग-अलग 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन करें। यदि तय समय में आदेश लागू नहीं किया गया तो शिकायतकर्ता को आदेश की तारीख से भुगतान होने तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी मिलेगा।