यमुनानगर। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता विकास धीमान पर राज्य सूचना आयोग हरियाणा चंडीगढ़ ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने यह जुर्माना शिवपुरी ए के निवासी नरेंद्र कुमार शर्मा को आरटीआई के तहत जानकारी समय पर उपलब्ध न कराने पर लगाया है।
दरअसल मामला साल 2021-22 का है। तब इसी कॉलोनी में अमृत योजना के पीने की पाइपलाइन बिछाई जानी थी और पाइपलाइन को बिछाने के लिए नई सड़क को तोड़ दिया गया था। जबकि पहले से ही सड़क के नीचे पीने की पाइपलाइन तीन फीट पर बिछी हुई थी, लेकिन पुरानी लाइन के ऊपर करीब डेढ़ फीट ऊपर ही नई पाइप लाइन बिछा दिया गया। इस पाइपलाइन के बिछाने से सड़क को काफी नुकसान हुआ है। तब नरेंद्र शर्मा ने इसकी जानकारी के लिए पहले तो पब्लिक हेल्थ को आरटीआई लगाई थी, इस पर पब्लिक हेल्थ ने जवाब में नगर निगम द्वारा यह कार्य किए जाने का हवाला दिया था। उसके बाद नरेंद्र शर्मा ने दो फरवरी 2022 में निगम से आरटीआई के तहत कांसापुर की सड़क कब, क्यों तोड़ी, कितना खर्च हुआ, इसकी टाइलें कहां गई, किसे बेची आदि जानकारी मांगी थी।
आरटीआई कार्यकर्ता नरेंद्र शर्मा ने बताया कि जानकारी लेने के लिए उन्होंने राज्य सूचना आयोग हरियाणा चंडीगढ़ का दरवाजा खटखटाया था। इस पर आयोग ने सुनवाई के लिए नगर निगम के अधिकारी को बुलाया था। इस पर नगर निगम के सहायक अभियंता दीपक सुखीजा आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने आयोग को आश्वासन दिया कि वे दो सप्ताह के भीतर अपीलकर्ता को सूचना उपलब्ध करा देंगे लेकिन आदेशों की अनुपालन नहीं किया गया। मामले में विकास धीमान की ओर से आयोग के आदेश के बाद अपीलकर्ता को जानकारी प्रदान करने में एक वर्ष और एक महीने की देरी हुई है। इस पर आयोग ने आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा 20 (1) के तहत 25000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
मैंने इस मामले में शोकॉज नोटिस का जवाब दे दिया था। बाकी इस संबंध में अभी मेरे पास कुछ नहीं आया है। यह मामला साल 2022 का है। उस दौरान दूसरे अधिकारी थे, मैं उनके बाद में आया, इसलिए उन्हीं की जिम्मेदारी बनती थी। अगर मेरे पर कुछ आता है तो इसका जवाब देंगे।
-विकास धीमान, कार्यकारी अभियंता, नगरनिगम।