फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: उद्योगपतियों को बजट से चाहिए लाइसेंस व विभिन्न टैक्स में राहत

विज्ञापन
सुंदरलाल बतरा।
विज्ञापन
जगाधरी। जिले के उद्यमियों को केंद्र सरकार के बजट से काफी उम्मीद हैं। खासकर शहर के विश्व विख्यात बर्तन और प्लाईवुड उद्योग को सरकार से सहयोग की आस है। इन दिनों दोनों उद्योग मंदी के संकट से जूझ रहे हैं। इस दौर से उभरने के लिए उद्यमी बजट में लाइसेंस और विभिन्न टैक्स से राहत चाह रहे हैं। जगाधरी शहर में बर्तन उद्योग की छोटी बड़ी करीब 1200 इकाइयां हैं। इसमें करीब 800 से 850 इकाइयां छोटी व सामान्य स्तर की हैं।
विज्ञापन

करीब 350 से 400 इकाइयां बड़े स्तर पर बर्तन उत्पादन करती हैं। इन इकाइयों में प्रतिदिन करीब दो सौ टन बर्तन बनता है। यहां बने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बंगाल, उड़ीसा, कर्नाटक, चेन्नई सहित देश के लगभग सभी राज्यों में जाता है। इसके अलावा अफ्रीका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, आस्ट्रेलिया, दुबई, कुवैत सहित कई देशों में माल जाता है।
परंतु सरकार के नियमों व कर से जगाधरी के बर्तनों की चमक फीकी हो रही है। जगाधरी शहर के बर्तन उद्योग विश्वभर में मशहूर हैं। यहां पर एक्सपोर्ट क्वालिटी के बर्तन बनते हैं और विश्व के विभिन्न देशों में सप्लाई किए जाते हैं, वहीं देशभर में स्टील के बर्तन के लिए जगाधरी का विशेष नाम है लेकिन कुछ साल से इसमें काफी मंदी आई है।
विज्ञापन

टैक्स के कारण उत्पादन महंगा हो गया है, जिससे मेटल उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों पर भी बोझ बढ़ा है। इसके अलावा जिले का प्लाईवुड भी विश्व में प्रसिद्ध है। यहां प्लाईवुड बनाने वाली छोटी-बड़ी करीब 400 इकाइयां हैं, जो मंदी से जूझ रही हैं। उद्यमियों का कहना है कि कच्चे के साथ तैयार माल पर जीएसटी से दामों में वृद्धि हुई हैं। महंगे के कारण लोग नेपाल व अन्य देशों में बनी प्लाई के प्रति आकर्षित हुए हैं। इसके चलते उत्पादन में करीब 20 से 25 फीसदी की कमी आई है।
फोटो-30
बजट में सरकार दे राहत
दी जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चरिंग एंड सप्लायर एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा ने कहा कि सरकार कर में उद्योगों को राहत दे। कई प्रदेशों की सरकार ने बर्तन उद्योग के लिए विशेष योजनाएं बनाई है। इस बार उम्मीद है कि सरकार बजट में उनके राहत पैकेज दे। विशेष प्रावधान कर बर्तन उद्योगों के साथ उद्यमियों को राहत पहुंचाए। सरकार की राहत के बिना जगाधरी का मेटल उद्योग उठ नहीं सकता है।
फोटो-31
जीएसटी में की जाए कमी
उद्यमी विभोर पहुजा ने कहा कि जिले की पहचान बर्तन व प्लाईवुड कारोबार से है। परंतु कुछ सालों से शहर का विश्व प्रसिद्ध उद्योग मंदी की मार झेल रहा है। इसका कारण नियमों में सख्ती व जीएसटी है। उद्यमी जीएसटी कम करने की मांग कई बार कर चुके हैं। इस बजट में भी उद्यमियों को लघु उद्योगों के जीएसटी में राहत की आस है। वहीं जीएसटी नियमों को भी सरल बनाया जाए।
फोटो-32
प्लाईवुड उद्योग को संजीवनी की दरकार
हरियाणा प्लाईवुड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन प्रधान जेके बिहानी ने कहा कि बजट में सरकार को प्लाईवुड उद्योग के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत जीएसटी की है। सरकार को जीएसटी की प्रक्रिया सरल बनानी चाहिए। वहीं जीएसटी कम कर उद्योगों को राहत देनी चाहिए। एमएसएमई में विशेष प्रावधान कर उद्यमियों व उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए।
फोटो-33
घट रहा है प्लाईवुड उद्योग
हरियाणा प्लाईवुड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन उप-प्रधान सतीश चौपाल ने बताया कि जिले का प्लाईवुड उद्योग विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्लाईवुड उद्योग से मजदूर ही नहीं बल्कि कई वर्ग इससे जुड़े हैं। इससे किसान, ट्रांसपोर्ट, कई छोटी औद्योगिक इकाइयों जुड़ी हुई हैं। इन दिनों प्लाईवुड उद्योग संकट से जूझ रहा है। जिससे सभी वर्ग, प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को इस बजट में इसे राहत देनी चाहिए।

सुंदरलाल बतरा।

सुंदरलाल बतरा।

सुंदरलाल बतरा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें