जगाधरी।
गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज संतपुरा यमुनानगर में तीन दिन से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार किया जा रहा है। यह अरविंदो कॉलेज की ओर से किया गया। वेबिनार का विषय लोक साहित्य का संकलन और संरक्षण रहा। वेबिनार के मुख्या वक्ता प्रोफेसर जय कौशल (विभागाध्यक्ष, सेंट्रल यूनवर्सिटी असम ) । इस दौरान कॉलेज प्राचार्या डॉ. वरिंदर गांधी ने कॉलेज प्राचार्या डॉ. नमिता राजपूत और मुख्या वक्ता डॉ. जय कौशल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लोक साहित्य में लोक जीवन की धड़कन बस्ती है। लोक जीवन में लोक का रहन- सहन, रीति रिवाज, तीज, त्योहार,पर्व, खानपान, वेशभूषा,भाषा, धर्म, दर्शन, ज्ञान, विज्ञान, कला आदि से ही लोक जीवन का बोध होता हैं। लोक साहित्य ही भारत की संपन्न विरासत की मौखिक पहचान है। अरविंदो कॉलेज प्राचार्या ने भी इस दौरान दोनों कॉलेजों को शुभ कामनाएं दी। मुख्य वक्ता डॉ. कौशल जी ने प्रकाश डालते हुए कहा कि आज कि पीढ़ी को वर्तमान अवस्था में पारंपरिक ज्ञान की परम अवश्यता हैं। उन्होंने कहा लोक साहित्य का उत्पादन, संचलन, अनुशीलन, पुनः प्रस्तुति के क्रम से गुजरना पड़ता है। इसके लिए आज हमें जहां लोक संसकृति का उत्पादन होता हैं वहां लौटना होगा। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ लक्ष्मी गुप्ता और तकनीकी सहायक डॉ. आरती रही।