यमुनानगर। चीन के हुबेइ प्रांत के यी चांग में विगत दिनों अंतरराष्ट्रीय केनोइंग फेडरेशन द्वारा आयोजित ड्रैगन बोट विश्व कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान टीम ने रजत पदक अर्जित किया। यमुनानगर के होनहार खिलाड़ी रोहित सिंह भी इस भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उनकी इस उपलब्धि ने यमुनानगर एवं हरियाणा का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में अधिवक्ता रोहित सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शहर के नेशनल पब्लिक स्कूल कैंप से प्राप्त की। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में स्नातक के दौरान इन्होंने सुखना झील में इस खेल का अभ्यास किया। इससे पूर्व, ये 2019 में चीन के निंगबो में आयोजित विश्व कप में भाग लेने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे। खेलों के प्रति विशेष रुचि रखते हुए ये शूटिंग के भी खिलाड़ी हैं।
अपनी प्रेरणा का स्रोत बड़े भाई को माना
रोहित सिंह ने अपनी प्रेरणा का स्तोत्र बड़े भाई दीपक पुंडीर को मानते हैं, जो वर्तमान में उप राज्यपाल के ओएसडी के रूप में केंद्र सरकार के केंद्र-शासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार प्रशासन को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रोहित ने युवा वर्ग को संदेश दिया कि कड़ी मेहनत के साथ-साथ स्मार्ट वर्क एवं उचित समय-प्रबंधन पर ध्यान देते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति, टीम कप्तान मंजीत सिंह व टीम सदस्यगण, माता-पिता, परिवार के सदस्यों तथा शुभचिंतकों को दिया।