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लॉक डाउन में देश हुआ डिजिटल, विद्यार्थियों को शिक्षा देने का भी बना उचित माध्यम

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हिंदू गर्ल्स कॉलेज प्रिंसिपल डॉ उज्जवल शर्मा। - फोटो : AMAR UJALA
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यमुनानगर हिंदू गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ उज्जवल शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन में यह एहसास हुआ है कि ऑनलाइन एजुकेशन वक्त की मांग है। इन विषम परिस्थितियों में ऑनलाइन शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जिसके द्वारा विद्यार्थियों को सुरक्षित रखकर शिक्षा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन लर्निंग विद्यार्थियों का भविष्य भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि कॉलेज की सभी प्राध्यापकों द्वारा छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। कॉलेज में पहले से ही अलग-अलग कक्षा और विषय के व्हाट्सएप ग्रुप बने हुए थे। जिसके माध्यम से छात्राओं को महाविद्यालय से संबंधित नोटिस व महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती थी। लॉक डाउन में इस तकनीकी सुविधा के महत्व को और भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षक प्रतिदिन छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से ज्ञानवर्धन एवं उनकी समस्याओं का निवारण कर रहे हैं। छात्राओं को व्हाट्सएप के जरिए विषय से संबंधित पीपीटी, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो, यू ट्यूब लिंक एवं नोटस भेजे जा रहे हैं। जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी आसान हो सके हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में छात्राएं भी पूरी ईमानदारी के साथ अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही चाणक्य आईएएस अकैडमी चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित करियर गाइडेंस एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित राष्ट्र स्तरीय वैबिनार में भी 60 छात्राओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि लाक डाउन के दौरान कॉलेज की एनसीसी की 8 कैडेट्स ने आईगोट ऐप के जरिए कोविड-19 ट्रेनिंग ली एवं अपनी इच्छा से कठिन समय में देश की सेवा के लिए योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज की सभी छात्राओं को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज की ओर से छात्राओं की ऑनलाइन फीडबैक भी ली जा रही है, जिससे यह पता चल सके कि छात्राएं ऑनलाइन शिक्षा का कितना लाभ प्राप्त कर रही हैं।
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