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Yamuna Nagar News: कॉस्मेटिक, डेयरी और खेती से बढ़ा रहीं आय

Sat, 25 Jul 2026 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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कढ़ाई का काम करती शकीला। स्वयं
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गांव कैत का जेनब स्वयं सहायता समूह एक मिसाल बनकर उभरा है। कलानौर क्षेत्र के इस गांव में वर्ष 2018 में गठित समूह से जुड़ी महिलाएं आज स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
समूह की नियमित बैठकों में महिलाओं को बचत, ऋण सुविधा और छोटे व्यवसाय शुरू करने की जानकारी दी जाती है। उड़ान महिला ग्राम संगठन के अंतर्गत संचालित इस समूह में 10 महिलाएं शामिल हैं। समूह की प्रधान शकीला, सचिव सुनीता और खजांची शबनम हैं। इनके अलावा समीमा, साहिस्ता, गुलशाना, शबनम खातून, मुसरत, गुलफाना और शहनुमा सहित अन्य महिलाएं समूह से जुड़कर विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों में लगी हैं।
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समूह की प्रधान शकीला ने बताया कि शुरुआत में महिलाओं को घर से बाहर निकलकर काम करने में झिझक होती थी, लेकिन लगातार बैठकों और प्रशिक्षण के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास आया।
आज महिलाएं कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी और खेती जैसे कार्यों से अपनी आय बढ़ा रही हैं। साथ ही युवतियों को भी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के योग्य बना रही हैं।
समूह की सदस्य गुलफाना ने स्वयं सहायता समूह से मिली सहायता के बल पर अपने पति मरगूब हसन के लिए किराना दुकान शुरू कराई, जिससे परिवार की आमदनी में बढ़ोतरी हुई है। शबनम पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से नियमित आय अर्जित कर रही हैं। समीमा गाय और भैंस पालन के साथ दूध उत्पादन कर रही हैं। इसी तरह साहिस्ता ने समूह से ऋण लेकर अपने पति के लिए ऑटो खरीदने में सहयोग किया, जिससे परिवार को स्थायी रोजगार मिला। वहीं मुसरत खेती के साथ सब्जियों का उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बिक्री कर रही हैं और अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। समूह की महिलाओं का कहना है कि स्वयं सहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाया है।
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अब वे परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी भागीदारी निभा रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि छोटे-छोटे प्रयास और सामूहिक बचत ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा का कहना है कि महिलाओं को रोजगार संचालित करने के लिए आसान तरीकों से लोन की व्यवस्था भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

कढ़ाई का काम करती शकीला। स्वयं

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