संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के गांव कपूरी कलां की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है। वर्ष 2021 में गठित सोहंग स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आज सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, मशरूम उत्पादन, करियाना स्टोर और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
समूह की प्रधान अनू, सचिव ममता देवी और खजांची कविता देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने संगठित होकर रोजगार के नए अवसर विकसित किए हैं। समूह में तजिंद्र कौर, राजरानी, गुरमीत कौर, सरोज बाला, केला देवी सहित कई महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। गांव में वर्ष 2022 में किरण महिला ग्राम संगठन का गठन भी हुआ, जिसके अंतर्गत सात स्वयं सहायता समूह संचालित हैं।
महिलाओं ने बताया कि समूह की चार बैठकें प्रत्येक माह आयोजित की जाती हैं, जिनमें बचत, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और नए स्वरोजगार के अवसरों पर चर्चा की जाती है। हाल ही में 35 महिलाओं ने मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि दो महिलाएं इस क्षेत्र में विशेष रूप से प्रशिक्षित होकर व्यवसाय शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
समूह की सचिव ममता देवी कॉस्मेटिक की दुकान संचालित कर रही हैं। खजांची कविता देवी निजी विद्यालय में शिक्षिका होने के साथ सिलाई-कढ़ाई का कार्य भी करती हैं और समूह की गतिविधियों का संचालन करती हैं। तजिंद्र कौर सिलाई व इंटरलॉक का काम कर रही हैं, जबकि सरोज बाला, केला देवी और राजरानी पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय से जुड़ी हैं।
वहीं राजरानी गांव में किराना स्टोर का संचालन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। कपूरी कलां और कपूरी खुर्द की संयुक्त ग्राम पंचायत में महिलाओं की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरी है। गांव की महिलाएं अब स्वरोजगार के नए क्षेत्रों में आगे बढ़ते हुए अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं।
कढ़ाई करतीं कविता देवी। स्वयं