संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून 27 जून तक दस्तक देगा। इसके बाद से कई दिन बारिश के आसार हैं। इसमें शहर का जलभराव से बचाव आसान नहीं होने वाला है। वहीं नालों की सफाई देरी से शुरू हुई और कई नाले गंदगी से अटे हैं, दूसरी ओर इस बार भी शहर की सबसे बड़ी जल निकासी परियोजना अधूरी है। वार्डों में नाले-नालियों व अन्य जल निकासी के काम अधूरे हैं।
कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी के एसटीपी तक स्टॉर्म ड्रेन का काम अमृत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) स्कीम में नगर निगम करवा रहा है। इसका 24 फरवरी 2019 को शिलान्यास हुआ। इस 4500 मीटर लंबी ड्रेन का काम 15 अगस्त 2019 में पूरा करने का लक्ष्य था, पर अब तक यह पूरा नहीं हुआ।
ड्रेन के काम में देरी की वजह काम लगने के बाद दूसरे विभागों से एनओसी लेने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी रही, ऐसा टेंडर व वर्क अलॉट बाद होने पर अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। बारिश के खलल में भी कई कई माह लटका। अभी भी चांदपुर आरओबी समीप दो जगह ड्रेन डालने तक काम पूरा नहीं है।
ड्रेन के जरिए जगाधरी से आते बड़े नाले का पानी यमुनानगर की कॉलोनियों के बजाय आउटर में पुराने एनएच-73 पर डायवर्ट कर एसटीपी तक ले जाना है, पर ऐसा नहीं हो पाया है। इससे मानसून में बड़े नाले से फिर यमुनानगर में सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, शक्तिनगर, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों में जलभराव की आशंका है।
गत वर्षों में मानसून सीजन में गोबिंदपुरी रोड मोड से शक्तिनगर वेयर हाउस गोदाम तक कई फीट जलभराव हुआ। इस बार ऐसा न हो, इसके लिए यहां से निकल रहे नाले की ऊंचाई बढ़ाकर ऊपर स्लैब डाली जा रही है। यह काम माहभर पहले ही लगा, जो वेयरहाउस गोदाम के पास अभी भी अधूरा है। ऐसे ही मानसून सीजन में गत वर्षों में जलभराव झेलने वाले आजाद नगर रोड पर भी कुछ दिन पहले नाले का निर्माण कार्य लगा, वह भी आधे से ज्यादा अधूरा है।
निवर्तमान पार्षद हरमीन कोहली, देवेंद्र सिंह, विनय कांबोज, रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि एक ओर नालों की सफाई देरी से शुरू हुई और कई नाले अभी भी गंदगी से भरे हैं। दूसरी ओर वार्डों में नाले-नालियों व अन्य जल निकासी के निर्माण कार्य भी पूरे नहीं हो पाए हैं। जो अभी भी ई निविदा प्रक्रिया में हैं या निर्माणाधीन हैं। जबकि यह काम मानसून सीजन से पहले पूरे होने चाहिए थे।
जहां कभी भी काम चल रहा है, उसे समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पूरा प्रयास है कि मानसून से पहले जल निकासी के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। - आयुष सिन्हा, निगमायुक्त।