जगाधरी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर भीड़ के चलते ट्रेन से उतरते समय एक महिला चलती ट्रेन से नीचे रेलवे ट्रैक पर गिर गई। महिला का एक हाथ ट्रेन की चपेट में आने से कट गया। गंभीर रू प से घायल हुई महिला को ट्रामा सेंटर में पहुंचाया गया, जहां से उसे पीजीआई रेफर किया गया।
उत्तरप्रदेश के लखनऊ के कस्बे बहराइच निवासी नंनकई (24) अपने भाई मोहम्मद चिराज और भाभी के साथ लखनऊ-चंडीगढ़ सद्भावना एक्सप्रेस की जनरल बोगी में लखनऊ से जगाधरी के लिए रवाना हुई। जनरल बोगी में भीड़ होेने के कारण यात्री दरवाजों पर लटके थे।
जगाधरी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पूरी तरह रुकने से ही यात्रियों ने नीचे उतरना शुरू कर दिया। जब ट्रेन रुकी तो प्लेटफार्म से यात्री बोगी में चढ़ने लगे। इसी आपाधापी में दो मिनट गुजर गए। मोहम्मद चिराज ट्रेन से नीचे उतरने में कामयाब रहा, लेकिन उसकी भाभी नीचे नहीं उतर पाई।
जब ट्रेन चलने लगी पर उसकी भाभी ने नीचे उतरने का प्रयास किया। इस दौरान वह प्लेटफार्म पर गिर गई और उसका हाथ चलती ट्रेन की चपेट में आकर कट गया। परिजनों ने उसे रेलवे पुलिस की मदद ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने महिला की हालत गंभीर देखते हुए उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया।
रेलवे पुलिस का नहीं मिलता सहयोग
घायल नंनकई के भाई मोहम्मद चिराज ने बताया कि स्टेशन पर रेलवे पुलिस का कोई कर्मचारी नहीं था। रेलवे पुलिस कर्मचारी नहीं होने से यात्री मनमानी करते हैं। ट्रेन में सवार यात्रियों को उतरने से पहले ही स्टेशन पर खड़े यात्री ट्रेन में चढ़ने लगते हैं। इससे ट्रेन में सवार यात्रियों को नीचे उतरने का मौका नहीं मिलता। यदि रेलवे पुलिस यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने उतरने में कुछ सहयोग करे तो हादसा नहीं होता।
पहले के हादसों से नहीं लिया सबक
ट्रेन में भीड़ के चलते यहां कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी ट्रेन में भीड़ के चलते कई जानलेवा हादसे हुए हैं। 20 अगस्त को जगाधरी वर्कशॉप रेलवे स्टेशन पर श्री गंगानगर एक्सप्रेस में भीड़ के चलते अमृतसर से लौट रहे जगाधरी के हनुमान गेट निवासी हरीश कुमार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई।
23 अगस्त को जगाधरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर सहारनपुर-अंबाला पैसेंजर ट्रेन में भीड़ के चलते चंडीगढ़ में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी कर्ण घई की ट्रेन से गिरकर चपेट में आने से मौत
हो गई।