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बरेली कोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर दंपती ने हड़पे साढ़े चार लाख रुपये

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यमुनानगर। शहर की आजाद नगर कॉलोनी निवासी युवक को बरेली कोर्ट में नौकरी दिलवाने के नाम पर उसके भाई से साढ़े चार लाख रुपये लेकर हड़प लिए। आरोप उनकी बुआ के लड़के व उसकी पत्नी पर लगा है। आरोपी बुआ के लड़के ने ज्वाइनिंग लेटर देकर दो माह तक कोर्ट में नौकरी भी करवाई, लेकिन जब तनख्वाह नहीं आई तो उन्हें पता चला कि उसकी नौकरी ही नहीं लगी। आरोपी से रुपये मांगने पर उसने धमकाना शुरू कर दिया। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। शहर थाना पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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आजाद नगर निवासी अंबर सक्सेना ने बताया कि उसका छोटा भाई अमर सक्सेना दसवीं पास है और बेरोजगार है। 12 मार्च 2019 को उनके पिता शैलेस आनंद सक्सेना का निधन हो गया था। 16 मार्च 2019 को उसके पिता की क्रिया थी। क्रिया में उसकी बुआ का लड़का बरेली (यूपी) के आदर्श नगर निवासी सत्यम जोहरी व उसकी पत्नी पारुल जोहरी भी आए हुए थे। सत्यम जोहरी ने उसे पूछा कि उसका छोटा भाई क्या कर रहा है, उसने बताया कि वह पढ़ाई के बाद बेरोजगार घूम रहा है। उस पर सत्यम ने कहा वह बरेली कोर्ट में नौकरी करता है और वहां के जज से उसकी अच्छी बातचीत है, वह उनके पास नौकरी करता है। वह उसके भाई की भी बरेली कोर्ट में नौकरी लगवा देगा। तब आरोपी दंपती ने उसके भाई को बरेली कोर्ट में नौकरी लगवाने की एवज में उससे पांच लाख रुपये खर्च आने की बात कही। मगर उसके पास इतने पैसे नहीं थे। इस पर आरोपी ने कुछ रुपये पहले देने और कुछ बाद में देने की बात कही। आरोपी की बातों में आकर उसने अपनी मां व आरोपी की पत्नी के सामने एक लाख रुपये दे दिए। इसके आरोपी ने उससे उसके भाई का दसवीं का प्रमाण पत्र, आईटीआई का प्रमाणपत्र, आईडी व अन्य दस्तावेज ले गया। आरोपी ने कहा कि जल्द ही उसके भाई को नौकरी लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद वह उसे बीच-बीच में कुछ दस्तावेज भेजता रहा और पैसे मंगवाता रहा। इस तरह आरोपी ने उससे 336619 रुपये गूगल पे के द्वारा उसके खाते में डाल दिए। जनवरी 2020 में आरोपी ने ज्वाइनिंग होने की बात कहकर दस हजार रुपये फिर लिए। इस दौरान आरोपी ने उनसे लगभग साढ़े चार लाख रुपये ले लिए। तीन जनवरी 2020 को आरोपी ने उसके भाई को ज्वाइनिंग लेटर भेजा। इसके बाद आरोपी ने उसके भाई को नौकरी का झांसा देकर अपने साथ रखा। जब दो महीने बाद तनख्वाह नहीं आई। जब उन्होंने जांच करवाई तो उन्हें पता चला कि उसके भाई की नौकरी ही नहीं लगी। आरोपी ने उसके भाई व उन्हें गुमराह करके रखा। इसके बाद उसका भाई घर आ गया और उसने बताया कि उसे नौकरी नहीं मिली। नौकरी न लगने पर जब उन्होंने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे तो पहले तो आरोपी ने उन्हें रुपये वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद उसने रुपये देने से साफ मना कर दिया और दोबारा रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
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