संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान कर चुके राजीव गार्डन कॉलोनी के लोग प्रशासनिक अनदेखी से दुखी हैं। उनका आरोप है कि तीन दिन से कोई भी अधिकारी कॉलोनी में नहीं पहुंचा। कॉलोनी निवासी सिर्फ पक्की गलियों-नालियों के निर्माण का आश्वासन मांग रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर कॉलोनी के मौजिज लोग वीरवार को दोबारा एकजुट हुए। इस दौरान फैसला लिया गया कि सोमवार तक कोई नेता या अधिकारी कॉलोनी में नहीं पहुंचा तो वह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
उल्लेखनीय है कि नौ सितंबर को कॉलोनी के निवासियों ने विधानसभा चुनाव बहिष्कार का एलान कर दिया था। इसका बैनर भी कॉलोनी के प्रवेश पर लगाया गया था। इसके तीन दिन में भी कोई अधिकारी कॉलोनी के लोगों की बात सुनने नहीं पहुंचा है, जिसके रोष में मौजिज लोगों ने बैठक कर अधिकारियों को तीन दिन का समय दिया है।
राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि दो दशक से कॉलोनी बसी है। अभी करीब तीन हजार की आबादी है, जिसे पक्की गलियां व नालियां नसीब नहीं हो पाई हैं। यहां करीब दो हजार वोटर हैं, जो इस बार विधानसभा चुनाव में मतदान न करने का मन बना चुके हैं। बकायदा इसका बैनर कॉलोनी के प्रवेश पर लगा दिया है। उम्मीद थी कि चुनाव बहिष्कार के ऐलान के बाद नेता व अधिकारी उनकी समस्या जानने पहुंचेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। इसलिए मौजिज लोगों ने तीन दिन का और समय दिया है। इसके बाद सोमवार को निवासी आंदोलन करने का निर्णय लेंगे।
पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि कॉलोनी की मुख्य व लिंक गलियां कच्ची है। मिट्टी की गलियां में बारिश के बाद जलभराव व कीचड़ हो जाता है। इससे आने-जाने में परेशानी के साथ गलियों में भरे पानी में मच्छर भी पनप रहे हैं। इससे कॉलोनी में मच्छर जनित रोग भी बढ़ रहे हैं। कई लोग संदिग्ध बुखार से पीड़ित हैं। पक्की गलियों व नालियों की मांग जनप्रतिनिधियों व अफसरों से कर चुके हैं, पर कोई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा। इसी कारण मजबूरन कॉलोनी के लोगों को विधानसभा चुनाव बहिष्कार के एलान का फैसला लेना पड़ा है। इसके बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे।
राजकुमार राणा ने कहा कि मतदान किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इसकी अहमियत कॉलोनी के लोग भी समझते हैं, पर कॉलोनी की अनदेखी के चलते मजबूरन निवासियों को चुनाव बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा है। क्योंकि कॉलोनी की पक्की गलियों व नालियों की मांग जनप्रतिनिधियों व अफसरों के संज्ञान में है। इसके लिए कॉलोनी के लोग कई बार नगर निगम में मांगपत्र दे चुके हैं। लेकिन निगम के अफसरों ने कॉलोनी को अवैध बताकर पल्ला झाड़ लिया। राणा ने बताया कि यहां से सभी तरह के टैक्स व शुल्क वसूले जा रहे हैं।
मेघराज शर्मा ने कहा कि कच्ची गलियों व उनमें जलभराव से कॉलोनी के लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। खासकर स्कूली बच्चों व बुजुर्ग लोगों के गिरने की आशंका रहती है। कई बार बच्चे, बुजुर्ग व अन्य लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। इसके बाद भी नगर निगम अफसरों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। आसपास की सभी कॉलोनियों में पक्की गलियां व नालियां बना दी गई, पर राजीव गार्डन में ऐसा नहीं किया गया। इसका कॉलोनी के लोगों में रोष है। अभी चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है। सुनवाई न हुई तो आंदोलन के लिए भी मजबूर होंगे।
इस बारे में अधिकारियों को मौके पर भेज पता करेंगे कि किस स्तर पर गलियां बनाने में देरी हुई है। समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। - आयुष सिन्हा, एडीसी, यमुनानगर।