संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पांच लाख रुपये से अधिक के प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों पर अब निगम प्रशासन बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। ऐसे 326 बकायेदारों को नगर निगम ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। नगर निगम जल्द ही इन बकायेदारों की प्रॉपर्टी सील करने की कार्यवाही करेगा।
इनमें दस लाख से अधिक रुपये वाले 130 बकायादार और पांच लाख से 10 लाख रुपये वाले 196 बकायेदार शामिल है।
अंतिम नोटिस के बाद भी यदि इन बकायेदारों ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया तो इनकी संपत्तियों को जल्द ही सील किया जाएगा। इसके बाद एक लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। इन बकायेदारों में कई शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, औद्योगिक इकाइयों, संस्थान भी शामिल हैं।
नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि एक लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 की धारा-113 की उपधारा (1) व (2) और धारा-130 के नोटिस जारी किए गए हैं। एक लाख से पांच लाख रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को नोटिस दिए जा रहे हैं। पांच लाख से 10 लाख व 10 लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स धारकों को फाइनल नोटिस दिए जा चुके हैं। इनमें 10 लाख से अधिक रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स वाले 130 बकायेदार और पांच लाख से दस लाख रुपये वाले 196 बकायेदार हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों में शहर के बड़े मॉल व सिनेप्लेक्स, इंडस्ट्री, शिक्षण संस्थान, अस्पताल, ऑटोमोबाइल, राइस मिल, मैरिज पैलेस समेत बड़े रसूखदारों की संपत्तियां शामिल हैं। निगम कर्मी प्रॉपर्टी मालिकों के उनकी प्रॉपर्टी पर जाकर नोटिस दे रहे हैं। वहीं जो व्यक्ति नहीं मिलता तो उसकी दीवार या गेट पर नोटिस चस्पाया जा रहा हैं।
कई संपत्ति मालिक इन्हें रिसीव करने से बचते रहे। किसी तरह निगम कर्मियों ने नोटिस रिसीव कराए, जिसमें कई संपत्ति मालिकों ने तो मोबाइल नंबर भी नहीं दिए। अब भी कई रसूखदारों की संपत्तियों को आए नोटिस बाद उनके प्रतिनिधि निगम ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं और नोटिस में दिए तीन दिन का समय कम बता रहे हैं।
पहले चरण में पांच लाख व दस लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बकाएदारों की संपत्ति सील करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद एक लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बकाएदारों पर कार्रवाई होगी। संपत्ति धारक से अपील है कि वे समय पर अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराए। बकायादार नोटिस को गंभीरता से लें और बकाया टैक्स भुगतान करें अन्यथा संपत्ति सील की कार्रवाई होगी।