जगाधरी। शामलात भूमि को लेकर पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने शिक्षामंत्री कंवरपाल आवास पर कूच किया। किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए मंत्री की कॉलोनी तक पहुंचे तो पुलिस ने किसानों को मंत्री आवास से पहले ही रोक लिया। इससे किसानों व पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और गुस्साए किसानों ने जगाधरी-पांवटा नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। प्रशासन ने किसानों को समझाने का कई बार प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। वहीं इस बीच शिक्षामंत्री के विदेश जाने की सूचना मिलने पर किसान नाराज हो गए। किसानों ने नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे पर ही डेरा डाल दिया। हाईवे के बीच शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर की कॉलोनी के पास ही किसानों ने टेंट लगा दिया।
इस दौरान किसानों के बीच भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। यहां गुरनाम सिंह चढूनी, जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, जिला निदेशक एवं अंबाला मंडल प्रभारी मनदीप रोडछप्पर से एसडीएम सुशील कुमार ने बात की। एसडीएम ने किसानों से रोड खाली करने की अपील की लेकिन वे नहीं माने। किसान नेताओं ने कहा कि शिक्षामंत्री को विदेश जाना था तो वे पूर्व संध्या किसानों से मिल सकते थे। परंतु उन्होंने इसके विपरीत किया और चले। जबकि सरकार, प्रशासन, पुलिस सभी जानते थे कि आज किसानों की महापंचायत होनी है। मंत्री के किसानों के प्रति रवैये के कारण ही उन्हें पड़ाव डालना पड़ रहा है।
जगाधरी-पावंटा नेशनल हाईवे जाम
सरस्वती स्कूल के सामने शिक्षामंत्री के आवास से कुछ पहले ही किसानों को पुलिस ने रोक दिया। शिक्षामंत्री की कॉलोनी की सभी गलियों के प्रवेश पर बैरिकेड्स और उस पर कंटीले तार लगाकर रास्ता बंद कर दिया। गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया। ऐसे में किसानों ने जगाधरी-पावंटा नेशनल हाईवे पर किसानों ने टेंट लगाकर जाम लगा दिया। भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि वे पंचायत लेकर शिक्षामंत्री से मांगों के समर्थन में बात करने आए थे। प्रशासन और सरकार को इस बारे में अल्टीमेटम दिया गया था। बावजूद इसके शिक्षामंत्री ने किसानों से बात नहीं की।
भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला तैनात
किसानों की पंचायत को लेकर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी थानों के प्रभारी बुला लिए गए। इस दौरान शिक्षामंत्री आवास पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए। इसके अलावा प्रशासन के आला अधिकारी भी तैनात रहे। एसडीएम हर घंटे मौके की रिपोर्ट ले रहे हैं।