संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की घटती उपस्थिति को लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय गंभीर है। अब प्रदेश के सभी विद्यार्थियों में विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। यदि कोई विद्यार्थी लगातार तीन से दिन से अनुपस्थित है तो ऐसा होने की जांच की जाएगी। निदेशालय ने इसे लेकर जिला शिक्षा एवं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को आदेश दिए हैं।
निदेशालय ने पत्र जारी कर विद्यालयों में दैनिक उपस्थिति कम रहने की स्थिति पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। पत्र में प्राचार्यों और शिक्षकों को आदेश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। विद्यालय में यदि लगातार तीन दिन कोई विद्यार्थी की अनुपस्थिति रहे तो इस पर शिक्षक अभिभावकों से संपर्क करें। इसके अलावा माता-पिता व अभिभावकों को बच्चे की अनुपस्थिति पर प्रार्थनापत्र भेजने के लिए कहें।
इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप से विद्यार्थी की अनुपस्थिति के लिए सूचना देना अनिवार्य किया जाए। विद्यार्थी की अनुपस्थिति की अभिभावकों से प्राप्त जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी। वहीं, कक्षाओं के प्रभारी भी विद्यालय प्रमुख को अनुपस्थिति की जानकारी अवश्य दें। जो विद्यार्थी लगातार सात दिन अनुपस्थित रहते हैं, उनकी सूचना एमआईएस पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
अनुपस्थिति पर विद्यार्थी और अभिभावकों से इसका कारण पूछा जाए और इसकी समीक्षा की जाए। यदि विद्यालय स्तर पर कोई कमी है तो उसे दूर किया जाएगा। विद्यालयों का वातावरण विद्यार्थी मैत्री बनाया जाए। विद्यालयों की अधिकारी इसकी साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। दस दिन से अधिक अनुपस्थित विद्यार्थियों के नाम को ड्रॉपआउट श्रेणी में अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा और ऐसे विद्यार्थियों को दोबारा विद्यालय में लाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
नाम कटने पर दोबारा मिलेगा प्रवेश
विद्यालय से लंबी गैरहाजिरी के कारण नाम कट जाने की स्थिति में यदि विद्यार्थी शैक्षणिक सत्र के दौरान पुन: प्रवेश के लिए आवेदन करता है तो वह कर सकता है। विद्यालय प्रमुख उसे बिना किसी शुल्क के तुरंत प्रवेश दें। किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश देने में अनावश्यक विलंब न किया जाए। बता दें सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है। पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 13 हजार विद्यार्थी कब हुई है। पिछले साल जिले के राजकीय विद्यालयों में 1.05 लाख विद्यार्थी थे, जबकि अब विद्यार्थियों की संख्या 92 हजार रह गई है।
विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चत करने के लिए विद्यालय स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वहीं, निदेशालय की ओर से इस कार्य को और व्यापक रूप दिया है। निदेशालयों के आदेशों पर काम शुरू कर दिया गया है। हर सप्ताह विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। - प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी।