संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पालतू कुत्ते की मौत से आहत छठी कक्षा की छात्रा चांदनी-12 ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिजन बच्ची के शव को दफनाने ले जा रहे थे, तभी किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के हवाले कर दिया गया।
चांदनी-12 की मां आसमीन ने बताया कि तीन माह पहले वह घर में कुत्ता लेकर आए थे, जिससे चांदनी को काफी लगाव हो गया था। वह जल्द उठकर कुत्ते को घुमाने ले जाती थी और रात में उसे अपने ही बिस्तर पर सुलाती थी। कई बार कुत्ते साथ खेलने के लिए वह स्कूल भी नहीं जाती थी।
उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से पालतू कुत्ते की तबियत खराब थी। उसने खाना-पीना भी कम कर दिया था। इससे चांदनी परेशान रहती थी। इस दौरान तीन दिन पहले कुत्ते की बीमारी से मौत हो गई। इससे चांदनी को बड़ा सदमा लगा। कुत्ते की मौत के बाद चांदनी ने भी खाना छोड़ दिया था।वह परिजनों से बस एक ही बात कहती थी कि उसे उसका कुत्ता वापस ला दो। उसने मां को बोला भी था कि मुझे कुत्ता ला दो, नहीं तो मैं मर जाऊंगी लेकिन परिजनों ने इसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने सोचा कि कुछ दिन बाद चांदनी कुत्ते को भूल जाएगी और सब ठीक हो जाएगा। शनिवार को जब मां काम से बाहर गई हुई थी और उसकी दो बहनें व एक भाई घर के बाहर खेल रहे थे तो चांदनी ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गांधीनगर थाना प्रभारी महरूफ अली ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। आईपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है।