संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खेत की मिट्टी में कितने पोषक तत्वों की कमी है और इन्हें पूरा करने के लिए कौन से उर्वरक का इस्तेमाल कितनी मात्रा में करना है, इसकी जानकारी अब किसानों को घर बैठे मोबाइल पर ही मिल जाएगी। हर खेत, स्वस्थ खेत अभियान के तहत व्हाट्सएप पर मैसेज आ जाएगा। इससे किसानों को न तो अधिकारियों के पास जाना पड़ेगा और न ही कृषि विभाग को कार्ड बांटने में मशक्कत करनी पड़ेगी। सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत किसानों को दिए जाने वाले कार्ड में खेत की मिट्टी के प्रकार के बारे में जानकारी दी जाती है। इससे किसान अपनी जमीन की मिट्टी की क्वालिटी के आधार पर फसल लगाकर अच्छी खेती कर सकते हैं। फसल अच्छी होगी या खराब यह मिट्टी पर भी निर्भर करता है। इसलिए किसानों की मिट्टी की जांच के बाद खेतों के हिसाब से फसल लगाने के सुझाव के साथ मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जाते हैं।
साथ ही बताया जाता है कि मिट्टी में किस चीज की कितनी मात्रा है, किसानों को किस फसल के लिए कौन सी खाद और कितनी मात्रा में इस्तेमाल करनी होगी। सही मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करके खेती की लागत को भी कम किया जा सकता है। जिला लैब में वर्ष 2021 से मार्च 2025 तक हर खेत-स्वस्थ्य खेत योजना के तहत 252619 मिट्टी के सैंपल लिए गए। इनमें से 240333 की जांच पूरी हो चुकी है।
किसानों को व्हाट्सएप पर मैसेज निजी कंपनी ऑस्टेअर के माध्यम से भेजा जाएगा। जिले की लैब में मिट्टी के जिन सैंपल की जांच होगी उनकी रिपोर्ट कंपनी को दी जाएगी। कंपनी इनकी रिपोर्ट को न केवल पोर्टल पर अपलोड करेगी बल्कि किसान के व्हाट्सएप पर भी भेजा जाएगा। जिले के 722 किसानों को मैसेज मिलने मिलने लगे है। जिले में मिट्टी के नमूनों की जांच के लिए जिला स्तरीय लैब जगाधरी में है। पांच लैब ब्लॉकों में हैं। लैब में मिट्टी में विद्युत चालकता, ऑर्गेनिक कार्बन, फॉस्फोरस, पोटाशियम, सल्फर, जिंक, लोहा, कॉपर, मैंगनीज व बोरोन की जांच की जाती है।