यमुनानगर। कोरोना संक्रमण के कारण बंद पड़ी गाड़ियां रेलवे ने विशेष नियमों के साथ चला तो दी, लेकिन सामान्य कोच में सफर करने के लिए भी यात्रियों को आरक्षण करवाना पड़ रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब रेलवे ने अनारक्षित टिकट प्रणाली को दोबारा से शुरू करने की कवायद शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही रेलयात्री बिना आरक्षण के सामान्य ट्रेनों में यात्रा कर सकेंगे।
रेलवे की ओर से अभी तक बिना आरक्षण के यात्रा की केवल पैसेंजर गाड़ी में छूट दी गई है, जिसके तहत केवल पैसेंजर गाड़ी में ही ओपन टिकट के साथ यात्रा की जा सकती है। यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन से लॉकडाउन के बाद से एक जोड़ी पैसेंजर ट्रेन ही चलाई गई है। सहारनपुर-अंबाला-नंगलडैम सुबह सात बजे यहां पहुंचती है। जबकि दोपहर बाद साढ़े चार बजे अंबाला से सहारनपुर जाती है। ऐसे में यह गाड़ी लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद नहीं रही। लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों में सामान्य वर्ग में भी यात्रा के लिए आरक्षण कराना जरूरी है।
वहीं यमुनानगर जगाधरी, जगाधरी वर्कशॉप, दराजपुर, मुस्तफाबाद, सरस्वतीनगर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब पांच हजार दैनिक यात्री विभिन्न स्थानों पर रोजगार व व्यापार के लिए अप डाउन करते हैं। लॉकडाउन के बाद से व्यापार व रोजगार में छूट तो मिल गई, लेकिन साधन के अभाव में लोगों की परेशानियां और अधिक बढ़ गई। दैनिक यात्री संघ के प्रधान हरप्रीत सिंह ने बताया कि प्रतिदिन हजारों लोग शहर से दूसरे शहरों व स्थानों पर काम के लिए जाते हैं।
साधन न होने के कारण उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सामान्य कोच में बिना आरक्षण के यात्रा की छूट से जहां लोगों को राहत मिलेगी। वहीं यात्री बढ़ने से रेलवे की भी आय में वृद्धि होगी। इस संबंध में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हरिमोहन ने बताया कि अनारक्षित टिकट प्रणाली के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। हेडक्वार्टर से पत्र आते ही अनारक्षित टिकट का काम शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल रेलवे की ओर से इसकी नोटिफिकेशन नहीं आई है।