संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में सक्रिय टीबी खोज अभियान का चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मचारी उन रोगियों के घर जाएंगे, जो स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचे। 15 दिन का यह अभियान 12 से 27 जुलाई तक चलाया जाएगा। ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जिसमें टीबी के लक्षण हैं। इसके लिए सोमवार को सिविल अस्पताल से दो ई-रिक्शा में स्वास्थ्य विभाग की टीम रवाना की गई। सिविल सर्जन विजय दहिया ने हरी झंडी देकर रवाना किया।
डॉ. दहिया ने कहा कि टीबी के लक्षण दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, शाम को बुखार आना, भूख न लगना, वजन में कमी आना इत्यादि हैं। उन्होंने बताया सक्रिय टीबी मरीज खोज अभियान हर साल चलाया जाता है। मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर व आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले मरीजों के नमूने नजदीकी सरकारी लैब में जांच के लिए भेजेंगे। रिपोर्ट में टीबी मिलने पर दो दिन के अंदर व्यक्ति का इलाज शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों की जांच के लिए जिले में दो ट्रयूनाट मशीनें लगवाई गई हैं।
उप सिविल सर्जन चारु कालड़ा ने बताया कि टीबी मुक्त समाज की स्थापना के लिए कर्मचारियों के साथ लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य 2025 और प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य 2023 रखा गया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य छुपे मरीजों को खोजना है, ताकि उनका इलाज किया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें। डॉ. कालड़ा ने कहा कि टीबी मरीजों की काउंसिलिंग के साथ मरीज में लक्षणों व उनके उपचार के बारे जानकारी प्राप्त करने के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय काल सेंटर भी चलाया जा रहा है।