संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नवरात्र पर जिलेभर में आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। महिलाओं ने पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखकर मां दुर्गा की उपासना की।
घर-घर में कीर्तन, भजन और जागरण का आयोजन किया जा रहा है, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा है। कई महिलाएं निर्जला व्रत रख रही हैं तो कुछ फलाहार के साथ पूजा-अर्चना कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि मां की कृपा से उनकी मन्नतें पूरी हो रही हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आ रही है। इस पावन अवसर पर महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। छठे नवरात्र के दिन महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी माता रानी के भजन-कीर्तन आयोजित किए गए। महिलाएं सुबह-शाम विधि-विधान से पूजा कर रही हैं और मां की आराधना में लीन हैं।
पूरे नवरात्र के व्रत रखती हूं
सविता का कहना है कि मैं पूरे नवरात्र के व्रत रखती हूं। व्रत रखना थोड़ा कठिन जरूर होता है, लेकिन मां की कृपा से सब आसान लगता है। फलाहार करती हूं। व्रत से मेरा ध्यान और एकाग्रता बढ़ी है। मुझे विश्वास है कि मां मेरी मेहनत को जरूर सफल बनाएंगी।
व्रत से मिलती है शक्ति मानसिक
गृहिणी अनु ने कहा कि मेरे लिए नवरात्र सेवा और श्रद्धा का पर्व है। मैं व्रत रखते हुए भी अपने कार्यक्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी निभाती हूं। आर्थिक स्थिति सुधारने की मन्नत धीरे-धीरे पूरी हो रही है। व्रत से मुझे मानसिक शक्ति मिलती है और काम करने की ऊर्जा भी।
अधिवक्ता अनुराधा शर्मा ने बताया कि इस बार निर्जला व्रत रखा है। घर में रोजाना कीर्तन हो रहा है, जिसमें आसपास की महिलाएं भी शामिल होती हैं। मां दुर्गा की कृपा से उनके परिवार में सुख-शांति बनी हुई है। सच्चे मन से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती।
मल्टीनेशनल कंपनी की एचआर मेघना शर्मा का कहना है कि वह फलाहार व्रत रखकर मां की पूजा करती हैं। सुबह दुर्गा चालीसा का पाठ और शाम को आरती उनके दिनचर्या का हिस्सा है। नवरात्र का व्रत आत्मशुद्धि का माध्यम है और इससे मानसिक शांति मिलती है।
डॉक्टर अनु महेंद्र का कहना है कि वह केवल फल और दूध का सेवन कर व्रत रखती हैं। उनके घर में हर शाम भजन-कीर्तन होता है, जिसमें परिवार के सभी सदस्य भाग लेते हैं। उनकी मन्नत थी कि घर में खुशहाली आए, जो अब पूरी होती नजर आ रही है।
सविता।
सविता।
सविता।
सविता।