संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुनानगर-जगाधरी में हुई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी जनसभा कई मामलों में अहम रही। गृहमंत्री ने मंच से जातीय समीकरण साधने का हर संभव प्रयास किया। सबसे अधिक फोकस पिछड़ों और दलितों पर रहा। खास बात यह है कि उन्होंने अपने संबोधन में कई बार मुख्यमंत्री का उदाहरण देकर लोगों को साधने का प्रयास किया। वहीं जनसभा में उमड़े जनसमूह ने जोश के साथ तालियां भी बजाई।
सोमवार को चुनावी जनसभा में पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने अपने चिर परिचित अंदाज में अपने संबोधन की शुरूआत की। विपक्षी पार्टियों पर खासे हमलावर रहे। वहीं, हरियाणा के जातीय समीकरणों को भी साधने का भरसक प्रयास किया। उन्होंने राहुल गांधी के बयान का जिक्र कर सीख समुदाय को साधा। साथ ही दलितों, पिछड़ो और आदिवासियों को भी साधने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की सरकार केंद्र और राज्य में बनी है दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हरियाणा में पिछड़ी जाति का मुख्यमंत्री देकर यह साबित किया है कि भाजपा सभी को साथ लेकर चलती है। उन्होंने एक नहीं कई बार सीए नायब सैनी का जिक्र किया। अमित शाह ने युवाओं में भी खासा उत्साह भरा। उन्होंने युवाओं से प्रण लिया कि वह अपने 25-25 जानकारों को भाजपा को वोट देने के लिए फोन करेंगे।
अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान ही जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा प्रत्याशी कंवरपाल गुर्जर, घनश्याम दास अरोड़ा, बलवंत सिंह और श्याम सिंह राणा को मंच पर सामने लाकर उनकी प्रशंसा तो कही, साथ ही उन्होंने कहा कि जितना इन्होंने दस साल में विकास कराया, वहीं आने वाले पांच सालों में पहले से अधिक विकास कराएंगे।