संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हमीदा क्षेत्र में हमले की सूचना पर गई पुलिस टीम पर एक हिस्ट्रीशीटर ने पथराव कर दिया। पुलिस पर पथराव करते समय आरोपी छत से गिरकर घायल हो गया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे की है। पुलिस चौकी हमीदा में तैनात एएसआई राजेंद्र सिंह ने शिकायत में बताया कि वह होमगार्ड संजीव कुमार के साथ गश्त पर थे।
इसी दौरान सूचना मिली कि आत्मापुरी कॉलोनी खेड़े वाली गली निवासी विक्रांत उर्फ बग्गा अपने साथियों के साथ हनुमान मंदिर के पास किसी वारदात की फिराक में खड़ा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी अपने साथियों सहित भाग गया और अपने घर में घुस गया। पुलिस जब आरोपी के घर के बाहर पहुंची और पूछताछ करने लगी तो विक्रांत भड़क गया।
उसने पुलिसकर्मियों के साथ बहस करते गाली-गलौज की। आरोप है कि इसके बाद वह घर की छत पर चढ़ गया और पुलिस टीम पर ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं। पुलिसकर्मियों ने छिपकर अपनी जान बचाई और तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल व डायल-112 को मौके पर बुलाया। बताया गया कि आरोपी ने मौके पर पहुंची दूसरी पुलिस टीम को भी धमकियां दीं और पथराव जारी रखा।
इसी दौरान वह छत से नीचे गली में गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने घायल आरोपी को उसके परिजनों के साथ तुरंत जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रांत उर्फ बग्गा हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
थाना शहर यमुनानगर में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हिस्ट्रीशीटर विक्रांत उर्फ बग्गा एक बार फिर पुलिस पर हमले के मामले में चर्चा में है। इससे पहले वर्ष 2018 में भी हमीदा पुलिस चौकी में घुसकर पुलिसकर्मियों पर हमला, चौकी में तोड़फोड़, बाइक में आग लगाने और आरोपी को छुड़ाने के चर्चित मामले में अदालत ने विक्रांत समेत 13 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दो-दो साल की सजा और 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।
पुलिस पर छत से धक्का देने का आरोप, टांग में फ्रैक्चर
अस्पताल में भर्ती विक्रांत उर्फ बग्गा ने कहा कि उसने न तो पथराव किया और न ही सरकारी कार्य में बाधा डाली। उसका आरोप है कि पुलिस पुराने मामलों को लेकर उसे लगातार परेशान कर रही है। बग्गा ने बताया कि 13 मई की रात पुलिस उसके घर आई थी, जिसके बाद उसके परिवार वालों से भी अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद पुलिस छत पर पहुंची और वहां से उसे धक्का दे दिया, जिससे वह करीब 25 फुट नीचे गिरा और उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया। उसने निष्पक्ष जांच की मांग की है।