संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर में पांचवें दिन स्वयंसेवकों को शैक्षिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पर ले जाया गया। इसके अंतर्गत उन्होंने कपालमोचन, आदिबद्री, लोहगढ़ साहिब तथा पंचमुखी मंदिर का भ्रमण किया।
प्राचीन, ऐतिहासिक व प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थलों पर पहुंच कर स्वयंसेवकों ने भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और प्राचीन परंपराओं का गहन अध्ययन किया। लोहगढ़ साहिब का भ्रमण कर बाबा बंदा सिंह बहादुर और सिख वीरता की प्रेरक गाथाओं को जाना। जिससे उनमें राष्ट्रप्रेम और साहस की भावना प्रबल हुई। पंचमुखी मंदिर के दर्शन ने उन्हें आध्यात्मिक शांति और भारतीय सभ्यता की विविधता का अनुभव कराया गया।
यात्रा से स्वयंसेवकों को भारत की धरोहर व विभिन्न संस्कृतियों से परिचित होने का अवसर मिलता है। दोपहर के सत्र में शिविर में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य अमर सिंह नंदगढ़ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पहुंचे। विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवकों ने अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया।
नंदगढ़ ने कहा कि राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीयता का भाव हर युवा के चरित्र का सबसे बड़ा आभूषण होना चाहिए। उन्होंने स्किल इंडिया के अंतर्गत कौशल-विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब युवा अपनी प्रतिभा को नई दिशा देंगे तो वे न केवल स्वयं का भविष्य उज्ज्वल करेंगे, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी योगदान देंगे। जीवन में अभावों को कभी कमजोरी न समझें। कठिनाइयों को अवसर बनाकर आगे बढ़ें। डॉ. एम के सहगल ने कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयां और चुनौतियां सीखने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं।