यमुनानगर। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने सहारनपुर-पंचकूला एनएच-344 के नौ ब्लैक स्पाॅट में से आठ पर काम पूरा कर लिया है। ऐसे में अब हाईवे पर हादसे नहीं होंगे। ब्लैक स्पॉट पर भले ही काम करने की बात कही जा रही हो, लेकिन बाकी के हिस्सों में हाईवे पर सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है।
हालात ऐसे हो चुके हैं कि कई जगह हाईवे टूट जाने के बाद अंदर से सरिये बाहर निकल आए हैं। इतना ही नहीं 15 से 20 इंच चौड़ी दरारें पड़ गई हैं। यदि किसी बाइक का पहिया इन दरारों में चला जाए तो उसे संभलने का मौका नहीं मिलता। यदि दुर्भाग्य से इन दरारों की वजह से कोई बाइक सवार नीचे गिर जाए तो हाईवे पर पीछे से आ रहे वाहन उसे रौंद कर चले जाएंगे।
सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे पर कैल से लेकर हरनौल के बीच का एरिया बहुत ज्यादा खतरनाक है। सबसे ज्यादा हालत खराब तो हाईवे पर रेलवे ओवरब्रिज के ऊपर बनी सड़क की है। यहां पुल के ऊपर की सड़क काफी टूटी हुई है। यहां डेढ़ फीट तक चौड़ा हाईवे का पूरा हिस्सा टूटा हुआ है और सरिये बाहर निकले हुए हैं। जैसे ही कोई कार यहां से निकलती है तो एक दम से जोरदार आवाज आती है। यदि सामान लेकर कोई छोटा वाहन वहां से निकले तो वह इसमें धंस ही जाते हैं। क्योंकि क्षतिग्रस्त हाईवे को देख कर चालक वाहन की स्पीड कम कर लेते हैं। कम गति पर इसमें से निकल पाना संभव नहीं है। आज जिला सचिवालय में रोड सेफ्टी की बैठक होगी।
नवनियुक्त डीसी प्रीति ज्वाइनिंग के बाद पहली बार यह बैठक लेंगी। ऐसे में डीसी के सामने हाईवे की चमकती साफ सुथरी तस्वीरें प्रस्तुत करके एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा वाह-वाही लूटने का प्रयास किया जाएगा। संवाद
सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे पर आई दरारें। संवाद
सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे पर आई दरारें। संवाद