अपनी ऑल्टो कार को रेहड़ी की तरह इस्तेमाल कर घर से नींबू पानी से भरे ड्रम को लेकर निकलते हैं और हर चौक-चौराहे पर कार के ब्रेक लगा शिकंजवी पिलाने लगते हैं। तपती धूप में राहगीरों व वाहन चालकों की प्यास बुझाकर मानव सेवा की कुछ ऐसी ही अनोखी मिसाल हरबंसपुरा के अमृत पाल सिंह पेश कर रहे हैं।
हर सुबह ग्यारह बजे से उनका यह सफर शुरू हो जाता है। दोपहर तीन बजे तक वह अकेले ही मानव सेवा के पुनीत कार्य में जुटे रहते हैं। खुद ही नींबू पानी पिलाते व झूठे गिलास साफ करते हैं। इसमें उन्हें अपनी पत्नी भी साथ मिल रहा है।
अमृत पाल सिंह ने बताया कि सुबह ही पत्नी परमजीत कौर नींबू का रस निकालती हैं और मीठे (चीनी) का घोल तैयार करती हैं। उनकी पत्नी शिक्षा विभाग से हेड टीचर के पद से रिटायर्ड हैं और वे स्वयं इंश्योरेंस कंपनी के सीनियर अस्सिटेंट पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
रिटायरमेंट के बाद से ही वह गुरु अर्जुन देव महाराज के शहीदी दिवस व भाई कन्हैया साहिब के जीवन को आदर्श मान मानव सेवा में जुटे हैं। जून में जब भीषण गर्मी में लोगों के कंठ बार-बार सूखते हैं, इसी बीच उन्हें राहत पहुंचाने के लिए वे दो साल से यह प्रयास कर रहे हैं। एक से 30 जून तक वह ट्विनसिटी (यमुनानगर/जगाधरी) के चौक-चौराहों पर राहगीरों व वाहन चालकों के नींबू पानी पिलाते हैं।
रोजाना सौ लीटर से अधिक नींबू पानी करते तैयार
अमृत पाल सिंह ने बताया कि रोजाना घर पर वह सौ लीटर से अधिक नींबू पानी तैयार करते हैं। सुबह जब वे कार पर घर से रवाना होते हैं, तो डिक्की में शिकंजवी से भरा एक 85 लीटर का ड्रम और एक पानी से भरा 25 लीटर का ड्रम लेकर चलते हैं। यह खत्म हो जाने पर घर पर करीब 35 लीटर नींबू पानी से भरा ड्रम तैयार होता है जिसे दोबारा लेकर वह इसी सफर पर निकल पड़ते हैं।