संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को होने जलाभिषेक को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भीड़ को देखते हुए उपायुक्त ने सोमवार और मंगलवार को रादौर-दामला क्षेत्र के तीन शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। इनमें जेएमआईटी रादौर, पॉलिटेक्निकल कॉलेज दामला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दामला शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने बताया कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों, मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 34 पुलिस नाके स्थापित किए गए हैं। इनमें सात अंतरराज्यीय और 27 जिले के अंदर के नाके शामिल हैं। सभी नाकों पर चौबीसों घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। करीब 550 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। कांवड़ियों की अधिक आवाजाही को देखते हुए भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। अंबाला की ओर से सहारनपुर और हरिद्वार जाने वाले भारी वाहनों का निर्धारित कांवड़ यात्रा मार्ग पर आवागमन बंद रहेगा। अंबाला की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को थाना छप्पर से पाबनी-बिलासपुर होते हुए पांवटा साहिब की ओर भेजा जाएगा।
वहीं सहारनपुर जाने वाले वाहनों के लिए छछरौली-बहेट मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के रूप में निर्धारित किया गया है। जलाभिषेक के दिन प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात पुलिस भी प्रमुख स्थानों पर तैनात रहेगी। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
शिवालयों में होंगे भंडारे और भजन-कीर्तन
दयालगढ़ के पातालेश्वर शिव मंदिर, कलेसर के महादेव कालेश्वर मठ और भाटली के प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर में विशेष आयोजन होंगे। दयालगढ़ के पातालेश्वर शिव मंदिर के प्रधान डॉ. जनार्दन शर्मा, डॉ. सुधीर शर्मा, आशीष शर्मा, संजय शर्मा, डॉ. सुशील शर्मा, नरेंद्र गर्ग और मास्टर शशि कुमार मंगला ने बताया कि मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। सुबह से शुरू होने वाला भंडारा रात तक चलेगा। श्रद्धालु बावड़ी के दर्शन भी कर सकेंगे। मंदिर में भजन-कीर्तन होगा। कलेसर के महादेव कालेश्वर मठ में भंडारे के साथ भजनों से शिव का गुणगान किया जाएगा। वहीं भाटली के प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर के पुजारी जितेंद्र शास्त्री ने बताया कि सुबह से कांवड़िये और श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ियों के लिए लगाए गए शिविर का समापन भी होगा। भंडारे और कीर्तन में महिलाएं व मंदिर कमेटी के सदस्य शामिल होंगे।