साढौरा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राजकीय स्कूल साढौरा में आंखों का जांच शिविर लगाया गया। स्कूल में 200 विद्यार्थियों की जांच की गई। अधिकतर बच्चों की आंखों में कुछ न कुछ कमी अवश्य मिली। इसके अलावा 100 विद्यार्थी ऐसे मिले, जिन्हें तुरंत चश्मे की जरूरत है। वहीं विभाग ने बच्चों को मुफ्त में चश्मे देने का एलान किया।
पिछले दो सालों से कोरोना संकट चल रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों ने मोबाइल व लेपटॉप पर पढ़ाई शुरू कर दी, लेकिन अब यहीं मोबाइल व लैपटॉप विद्यार्थियों के लिए परेशानी बनते जा रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो स्कूल में जाने वाले हर विद्यार्थी को चश्मे का प्रयोग करना होगा। नेत्र रोग विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि मोबाइल का प्रयोग अधिक करने के कारण आंखें कमजोर हो रही हैं। वहीं टीवी अधिक देखने का कारण भी माना जा रहा है।
पिछले दो सालों से स्वास्थ्य विभाग की और से स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों की आंखों की जांच नहीं की गई। इस दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम खंड कॉर्डिनेटर डॉ ईशांत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों में कैंप आयोजित करने के बाद 100 विद्यार्थियों का फ्री चस्मे वितरण में चयन किया गया। यह सूची उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। टीम स्कूलों में जाकर उस बच्चे को चश्मा देगी। इस मौके पर डीआईसी मैनेजर रितिका, अकुंर, स्कूल प्रिंसिपल रामरतन ग्रेवाल, सत्यवान व अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।