यमुनानगर। गर्मी के बढ़ते तापमान में शरीर को राहत पहुंचाने के लिए जान जोखिम में डाल नदियों व नदियों से निकलने वाली नहर और यमुना में डुबकी लगा रहे युवा, गर्मी के सीजन में अब तक लगभग एक दर्जन के करीब युवा व अन्य अपनी जान गवां चुके हैं।
कई दिनों से गर्मी पूरे चरम पर है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग विशेषकर युवा जान जोखिम में डालकर यमुना, सोमनदी और नहरों में डुबकी लगा रहे हैं। वहीं विभिन्न संगठन व संस्थाओं के पदाधिकारियों ने प्रशासन से हादसों को रोकने के लिए घाटों व हादसे की मुख्य जगहों पर गर्मी के सीजन में चौकसी बढ़ाने की मांग की है। पश्चिमी यमुना नहर, सोम व यमुना नदी में गर्मियों के दिनों में दोपहर व शाम के समय बड़ी संख्या में लोग विशेषकर बच्चे व युवा नहाने के लिए पहुंचते हैं। इनमें से ज्यादातर युवाओं और बच्चों को तैरना तक नहीं आता। जगाधरी इलाके के बूडिया, दादूपुर के अलावा ताजेवाला, हमीदा हेड, बाड़ी माजरा फतेहपुर, दड़वा, अमादलपुर, चिट्टा मंदिर आदि घाटों पर सबसे अधिक हादसे होते रहते हैं।
मौतों का आंकड़ा इस प्रकार रहा
होली के दिन से शुरू हुए डूबने के हादसों में सबसे पहले दादूपुर के पास पश्चिमी यमुना नहर में डूबने से 45 वर्षीय नीरज की मौत हुई। उसी दिन पश्चिमी यमुना नहर में डूबने से 16 वर्षीय साहिल की मौत। 28 मार्च को मारवां कलां के 18 वर्षीय केशव की फतेहपुर पुल के पास डूबने से मौत हुई। 6 अप्रैल पश्चिमी यमुना नहर में पुराना हमीदा निवासी हेमंत की डूबने से मौत। 10 अप्रैल को दादूपुर के पास नहर में डूबने से 40 वर्षीय अज्ञात युवक की मौत हुई। 13 अप्रैल को छछरौली के गांव इस्माइलपुर निवासी 45 वर्षीय रीना की नहर में डूबने से मौत हुई। 30 अप्रैल को पश्चिमी यमुना नहर में नहाते हुए आजाद नगर निवासी 30 वर्षीय मुकेश कुमार की डूबने से मौत हुई। पांच दिन पहले प्रताप नगर के नजदीक यमुना नहर में डूबने से दो छात्रों की मौत हुई। बीते दिन दादूपुर हेड पर एक युवती की डूबने से मौत हुई।