संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। फैक्ट्री में लकड़ी बेचने के बाद 1.78 लाख रुपये पेमेंट न मिलने से आहत होकर शक्ति नगर निवासी शिवदयाल उर्फ काका-50 ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। इससे उसकी मौत हो गई। भाई की शिकायत पर पुलिस ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने व एससी एसटी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
शक्ति नगर निवासी ईश्वर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भाई शिवदयाल उर्फ काका और भतीजा रमन लक्कड़ मंडी से लकड़ी खरीद कर प्लाईवुड फैक्ट्रियों में सप्लाई का कार्य करते हैं। माल डालकर वह वजन पर्ची लेते हैं, जिसके आधार पर रुपये का लेन देन होता है। कई माह से काली मंदिर जगाधरी स्थित अग्रवाल मेटल जगाधरी के पास वह लकड़ी बेच रहे थे।
आरोप है कि अग्रवाल मेटल के मालिक से लकड़ी के रुपये लेने के लिए गए तो उसने पेमेंट देने से मना कर दिया। उसने कहा कि पेमेंट के एक लाख 78 हजार रुपये उसका भतीजा रमन लेकर चला गया है। इस पर शिव दयाल उर्फ काका ने अग्रवाल मेटल के मालिक को कहा कि लक्कड़ की पर्ची उसके पास है। बिना पर्ची के पेमेंट कैसे दे दी। उस समय मालिक ने दोबारा आने की बात कहकर टाल दिया। जब दोबारा उसके पास गए तो उसने पेमेंट देने से साफ मना कर दिया, जबकि रमन भी उसके पास से पेमेंट लेकर नहीं आया था।
आरोप है कि फैक्ट्री का मालिक झूठ बोल रहा था और रुपये नहीं देने के कारण भाई शिव दयाल मानसिक तनाव में आ गया। इसके बाद वह घर से बिना बताए कहीं निकल गया। उसकी तलाश में परिवार के लोग निकले तो वह छछरौली रोड पर उधमगढ़ की माजरी के पास सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा हुआ मिला। जब उसे होश आया तो उसने बताया कि उसकी पेमेंट अग्रवाल फैक्ट्री मालिक ने नहीं दी। इस कारण उसने जहर खा लिया है।
परिजन उसे तुरंत जगाधरी के निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर शहर जगाधरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। शहर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह का कहना है कि मृतक के भाई के बयान पर आरोपी फैक्ट्री मालिक पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।