संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। देहात क्षेत्र के सुंदर बहादुरपुर गांव की प्रवीन रानी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी बचत, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित कर रही हैं।
वर्ष 2019 में शुरू हुए कृष्णा स्वयं सहायता समूह की प्रधान रहीं प्रवीन रानी वर्तमान में समूह सखी और विलेज फेसिलेटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें क्षेत्र में लखपति दीदी के नाम से भी जाना जाता है। कृष्णा समूह वैष्णो ग्राम संगठन के अंतर्गत कार्य करता है और परिवर्तन क्लस्टर फेडरेशन से जुड़ा हुआ है।
समूह की प्रधान प्रवीन रानी कॉस्मेटिक, ब्यूटी पार्लर और पशुपालन के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं। वहीं सचिव अंजू देवी और खजांची राजेश कुमारी पशुपालन का कार्य कर रही हैं, जबकि सदस्य पम्मी देवी बकरी पालन के साथ पशुपालन से जुड़ी हुई हैं। समूह में जीतो, रीना, रीतू, बबीता और बरखा सहित अन्य महिलाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त करने के अलावा बैंक मित्र और एसएलटीआरपी का प्रशिक्षण भी लिया है। वह बैठकों के दौरान महिलाओं को बचत योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी देती हैं। समूह की प्रत्येक माह चार बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें महिलाओं को बचत, ऋण प्रक्रिया और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों के बारे में जागरूक किया जाता है।
समूह सखियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें ऋण लेने की प्रक्रिया, बचत के तरीके और विभिन्न प्रपत्र भरने की जानकारी दी जाती है। एक समूह सखी के पास लगभग 15 समूहों की जिम्मेदारी होती है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सके। गांव सुंदर बहादुरपुर में वर्तमान में 17 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे करीब 170 महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
प्रवीन रानी का कहना है कि समूह से जुड़ने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए अनेकाें योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। बैठकें आयोजित कर महिलाओं को बचत, लोन व अन्य जानकारी दी जाती है। ऐसे में महिलाओं ने अपने अपने स्तर पर पशुपालन, आटा चक्की, डेयरी, ब्यूटी पार्लर, कैंटीन, करियाना, जूट बैग आदि काम कर रखे हैं जिससे महिलाएं अपनी आमदनी में बढ़ोतरी कर लखपति दीदी के नाम से भी जानी जाती हैं।