संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। खंड की ग्राम पंचायत हवेली के सरपंच रणजीत सिंह को एक बार फिर पद से हटा दिया गया है। जांच में शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। साथ ही आगामी छह वर्षों के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य भी घोषित कर दिया गया है।
अंबाला मंडल आयुक्त संजीव वर्मा के पास अपील करने पर बर्खास्त सरपंच को फिर से बहाल कर दिया गया था। परंतु जांच में दोबारा दोषी पाए जाने के बाद उन्हें फिर से पद से हटा दिया गया है। 21 नवंबर 2022 को गांव निवासी बलकार ने निर्वाचन आयोग को शिकायत दी थी कि रणजीत सिंह ने वर्ष 2022 के सरपंच चुनाव में नामांकन के साथ जो शैक्षणिक प्रमाण पत्र लगाए थे, वे संदिग्ध हैं।
शिकायतकर्ता ने 12 दिसंबर 2024 को प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति भी प्रस्तुत की। मामले की जांच के लिए एसडीएम व्यासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। एसडीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी। डीईओ ने बीईओ साढौरा की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रमाण पत्र को फर्जी एवं कूटरचित करार दिया।
इसके बाद रणजीत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन वह अपने पक्ष में कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में यह भी सामने आया कि इसी दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र के आधार पर उन्होंने भारतीय सेना में 21 वर्षों तक नौकरी की थी।
प्रशासन ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 175(ब) व 177 के तहत उन्हें सरपंच पद के लिए अयोग्य माना। इसके बाद तत्कालीन डीसी पार्थ गुप्ता ने अधिनियम की धारा 51(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 22 अगस्त 2025 को रणजीत सिंह को पद से हटा दिया था। साथ ही धारा 51(4) के तहत छह वर्ष के लिए पुनर्निर्वाचन हेतु अयोग्य घोषित कर दिया।
इस आदेश के बाद बहुमत वाले पंचायत सदस्य गुरदेव सिंह को कार्यवाहक सरपंच नियुक्त किया गया और ग्राम पंचायत का पूरा रिकॉर्ड उन्हें सौंपने के निर्देश दिए गए। रणजीत सिंह ने इस कार्रवाई के खिलाफ अंबाला मंडल आयुक्त संजीव वर्मा के समक्ष अपील दायर की। अपील करने पर उनहें 16 अगस्त 2025 को दोबारा बहाल कर दिया गया था।
अपील पर पुनः जांच की गई, जिसमें पहले के आरोप सही पाए गए। इसके बाद डीसी प्रीति ने भी जांच रिपोर्ट के आधार पर रणजीत सिंह को पद से हटाने और छह साल के लिए अयोग्य घोषित करने के आदेशों को बरकरार रखा। अब रणजीत सिंह ग्राम पंचायत की किसी भी कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगे।